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अनुभवी भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी के राष्ट्रीय टीम क्रिकेट के भविष्य को लेकर चर्चा जारी है। कई विशेषज्ञों और क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि शमी अब टीम इंडिया के लिए आख़िरी मैच खेल चुके हैं, जब तक कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड BCCI उन्हें ऐसे समर्थन न दे जैसे उसने विराट कोहली और रोहित शर्मा को अपने करियर के अंतिम चरण में दिया था।
इंज़ुरी और खेल अभ्यास की कमी
शमी का आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच मार्च 2025 में आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में था। इसके बाद से उन्हें किसी भी इंटरनेशनल सीरीज़ में मौका नहीं मिला। बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने हाल में कहा कि शमी अभी ज्यादा मैच अभ्यास में नहीं हैं, जिससे उनकी फिटनेस और टीम में वापसी पर सवाल खड़े हुए हैं।
शमी ने घरेलू क्रिकेट में खेलते हुए अपनी क्षमता दिखाई है — रणजी ट्रॉफी तथा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने कई मैचों में महत्वपूर्ण विकेटों की झड़ी लगाई है, लेकिन फिर भी इंटरनेशनल टीम में स्थिर वापसी नहीं हो पाई है।
कोहली-रोहित मॉडल: BCCI का समर्थन
लेख में यह भी तर्क दिया गया है कि यदि BCCI शमी को विराट कोहली और रोहित शर्मा की तरह समर्थन दे — जहाँ बोर्ड ने दोनों को टेस्ट संन्यास के बाद भी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और विशिष्ट अवसर प्रदान किए — तो शमी के करियर को और आगे बढ़ाया जा सकता है।
कोहली और रोहित ने टीम से संन्यास लेने के बाद भी अपने अनुभव और नेतृत्व से भारतीय क्रिकेट को लाभ पहुँचाया है, जबकि शमी की हालिया परिस्थितियाँ अलग-सी हैं। यदि बोर्ड शमी को उसी तरह की भूमिका दे, तो उनकी पेसर जीवन को और बढ़ाने की गुंजाइश बनी रह सकती है।
फैंस और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली सहित कई क्रिकेट पंडितों ने शमी को अभी भी फिट और तैयार बताया है और कहा है कि यदि चयनकर्ताओं को उनकी क्षमता और हाल के प्रदर्शन का सही आंकलन करना चाहिए तो शमी टीम में जगह पाते रहेंगे।
सोशल मीडिया पर भी यह बहस जारी है कि भारतीय दर्शक बॉलर्स को बल्लेबाज़ों जितना समर्थन क्यों नहीं देते, जबकि शमी जैसे गेंदबाज़ों ने कई बड़े मैच जीते हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
क्या यह वास्तव में आख़िरी है?
अनुभवी पेसर की वर्तमान स्थिति में कुछ अटकलें हैं:
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शमी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूरी तरह बाहर हैं क्योंकि उन्हें पिछले कुछ सीज़न में मौका नहीं मिला।
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घरेलू क्रिकेट में शानदार फ़ॉर्म के बावजूद टीम में नियमित स्थान नहीं मिला है।
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कुछ विश्लेषक मानते हैं कि BCCI के समर्थन या चयन नीति में बदलाव के बिना शमी की टीम इंडिया में वापसी कठिन है।
हालाँकि शमी ने कभी भी अपनी इच्छा स्पष्ट रूप से नई संन्यास घोषणा के रूप में नहीं कही है — और खुद शमी ने पहले सेलेक्टर्स को चुनौती देकर अपनी उपलब्धता की बात कही है — तो भविष्य में कुछ भी संभव है।








