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भारत और अरब देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक 31 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हो रही है, जो लगभग दस वर्षों बाद हो रही है। यह बैठक भारत-अरब संबंधों के सबसे बड़े कूटनीतिक संवाद मंच के रूप में देखी जा रही है, जिसमें अरब लीग के 22 सदस्य देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) कर रहे हैं। यह पहली बार है जब नई दिल्ली इस स्तर की बैठक की मेजबानी कर रही है। इससे पहले 2016 में यह बैठक बहरीन में हुई थी, जिसमें अरब-भारत सहयोग के पांच प्राथमिक क्षेत्रों — अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति — पर सहमति बनी थी।
बैठक से पहले भारत-अरब वरिष्ठ अधिकारियों की चौथी बैठक भी आयोजित की जा चुकी है, जिससे विस्तृत एजेंडा तैयार किया गया है। इस बैठक में अरब लीग के महासचिव सहित कई विदेश मंत्रियों, राजनयिकों और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी हो रही है।
यह बैठक न केवल राजनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत बातचीत होने की संभावना है। विशेषज्ञ इसे भारत और अरब देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला मंच मान रहे हैं।
यह पहल दस वर्ष के अंतराल के बाद हो रही है और इससे भारत-अरब सहयोग मंच की सक्रियता व महत्व एक बार फिर स्पष्ट होता है। भारत वर्तमान में अरब लीग का पर्यवेक्षक (Observer) भी है, जिससे दोनो पक्षों के बीच संवाद की औपचारिक प्रक्रिया मजबूत होती है।








