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राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
धर्म की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक पावन पर्व होलिका दहन के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में इस पर्व के आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह सत्य, आस्था और धर्म की शक्ति का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और विश्वास के आगे अहंकार और अधर्म का अंत हुआ। होलिका दहन हमें यह प्रेरणा देता है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, सत्य और धर्म की हमेशा विजय होती है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अग्नि बुराई को जलाकर राख कर देती है, उसी प्रकार यह पावन पर्व हमारे जीवन की नकारात्मकता, द्वेष, ईर्ष्या और सभी बाधाओं को समाप्त करने का संदेश देता है। होलिका की अग्नि हमें आत्ममंथन का अवसर भी प्रदान करती है, जिससे हम अपने भीतर की बुराइयों को पहचानकर उन्हें त्याग सकें और सकारात्मकता को अपनाएं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस पर्व को प्रेम, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि राजस्थान विविधता से भरा प्रदेश है, जहां अलग-अलग परंपराएं और संस्कृतियां एक साथ मिलकर उत्सव मनाती हैं। होलिका दहन का यह पर्व सामाजिक एकता और सामूहिक उत्सव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करता है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे भारतीय संस्कृति और परंपराओं के महत्व को समझें और उन्हें आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। त्योहार केवल आनंद का अवसर नहीं होते, बल्कि वे हमें हमारे मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि होलिका दहन के साथ ही रंगों के पर्व होली की शुरुआत होती है, जो जीवन में उल्लास और उमंग का संचार करती है। यह पर्व हमें सिखाता है कि पुराने मनमुटावों को भूलकर नई शुरुआत करें और रिश्तों में मिठास घोलें।
उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया और कहा कि होलिका दहन के दौरान पर्यावरण का ध्यान रखते हुए परंपराओं का निर्वहन किया जाए। प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में कामना की कि यह पावन पर्व प्रदेश के प्रत्येक परिवार में खुशियां, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए। सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो और राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।








