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महाराष्ट्र में चर्चित अशोक खरात मामले ने अब बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष Rupali Chakankar ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
यह पूरा विवाद स्वयंभू ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़ा है, जिस पर महिलाओं के साथ गंभीर अपराधों के आरोप लगे हैं। जांच के दौरान कई आपत्तिजनक वीडियो सामने आने की खबरों ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया। इसी कड़ी में रुपाली चाकणकर का नाम सामने आने के बाद विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी थी।
सूत्रों के अनुसार, लगातार बढ़ते दबाव के बीच Rupali Chakankar ने आखिरकार अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar से मुलाकात कर राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया।
बताया जा रहा है कि इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से भी मुलाकात की थी। सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री की ओर से भी उन्हें पद छोड़ने के संकेत दिए गए थे, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
इस पूरे मामले में कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना नेता Sushma Andhare समेत अन्य नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चाकणकर पर गंभीर आरोप लगाए थे। यहां तक कि उनकी नार्को टेस्ट कराने की मांग भी उठाई गई।
विवाद के बीच Rupali Chakankar ने खुद आगे आकर पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक से मुलाकात कर इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एक पत्र भी सौंपा।
इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर कहा कि अशोक खरात से जुड़े महिला अत्याचार मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
अशोक खरात मामले ने महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस प्रकरण में जिस तरह से बड़े नाम सामने आ रहे हैं, उससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चिंता बढ़ गई है।
रुपाली चाकणकर के इस्तीफे के बाद अब यह देखना अहम होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इस मामले में और भी बड़े खुलासे होते हैं। फिलहाल, राज्य सरकार और जांच एजेंसियों पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह महाराष्ट्र की राजनीति, प्रशासनिक पारदर्शिता और महिला सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।








