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हरिओम |करहल | समाचार वाणी न्यूज़
विकासखंड करहल की ग्राम पंचायत तखरऊ में मनरेगा भुगतान में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान नीलम देवी के खिलाफ 2.49 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश जारी किए हैं, वहीं पंचायत सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला गांव के निवासी सचिन तिवारी द्वारा जिलाधिकारी को दी गई शिकायत के बाद उजागर हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनरेगा के तहत मजदूरी भुगतान नियमों के विरुद्ध किया गया है। इसके बाद जिला लेखा परीक्षा अधिकारी मोहम्मद सुल्तान अंसारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच में पाया गया कि ग्राम प्रधान ने अपने देवर के खाते में 2,03,270 रुपये का भुगतान किया, जबकि पंचायत सहायक रीता के पति शैलेश कुमार के खाते में 46,600 रुपये फर्जी निर्माण कार्य दिखाकर ट्रांसफर किए गए। इसे सरकारी धन का दुरुपयोग माना गया है।
जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ नेहा बंधु और डीपीआरओ डॉ. अवधेश सिंह को सौंपी गई। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने पंचायत सचिव सुभाष चंद्र को निलंबित करने और संबंधित धनराशि की वसूली के आदेश जारी किए हैं।
डीपीआरओ ने बताया कि जांच में ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक और पंचायत सचिव की मिलीभगत सामने आई है, जिन्होंने फर्जी कार्य दिखाकर सरकारी धन का गबन किया।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों के बीच इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।







