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भारतीय संगीत जगत को गहरा आघात पहुंचाते हुए दिग्गज गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है और इसे भारतीय संगीत के एक युग का अंत माना जा रहा है।
परिवार और अस्पताल सूत्रों के अनुसार, आशा भोसले को 11 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें छाती में संक्रमण और अत्यधिक थकान की शिकायत थी। इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ती गई और 12 अप्रैल को उन्होंने अंतिम सांस ली।
बताया जा रहा है कि उनकी मृत्यु मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण हुई।
आशा भोसले का करियर लगभग 8 दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने हजारों गाने रिकॉर्ड किए और हिंदी सिनेमा के साथ-साथ कई भारतीय भाषाओं में अपनी आवाज दी।
उनकी पहचान एक बहुमुखी गायिका के रूप में रही, जिन्होंने ग़ज़ल, पॉप, फिल्मी गीत, क़व्वाली और कैबरे जैसे विभिन्न शैलियों में अपनी अलग छाप छोड़ी।
उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा गया था।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका संगीत सफर “भारत की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने वाला” रहा और उनकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी।
आशा भोसले के निधन के बाद फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर है।
- A. R. Rahman ने कहा कि उनकी आवाज अमर रहेगी
- अभिनेत्री Priyanka Chopra ने इसे “बचपन का एक हिस्सा खोने जैसा” बताया
- कई अन्य कलाकारों और हस्तियों ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी
यहां तक कि कई कार्यक्रमों और लॉन्च इवेंट्स को भी उनके सम्मान में स्थगित कर दिया गया।
आशा भोसले का अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसकों और कलाकारों के पहुंचने की संभावना है।
आशा भोसले को भारतीय संगीत की सबसे प्रभावशाली और बहुमुखी आवाजों में गिना जाता है। उनके जाने से संगीत जगत में एक ऐसी खाली जगह बन गई है, जिसे भर पाना मुश्किल होगा।
उनके गाए गीत आज भी पीढ़ियों के दिलों में जीवित हैं और आने वाले समय में भी उनकी विरासत संगीत प्रेमियों को प्रेरित करती रहेगी।








