इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ठाकरे गुट के कुछ सांसदों और विधायकों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की अटकलों के बीच राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री और शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता संजय शिरसाट ने बड़ा बयान दिया है।
मीडिया से बातचीत करते हुए संजय शिरसाट ने कहा कि शिंदे गुट किसी प्रकार का ‘ऑपरेशन टायगर’ नहीं चला रहा है, लेकिन जो लोग उनके साथ आना चाहते हैं, उनके लिए दरवाजे खुले हैं। उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि कई नेता उनके संपर्क में हैं और भविष्य में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
“ऑपरेशन टायगर कब होगा, यह एकनाथ शिंदे तय करेंगे”
संजय शिरसाट ने कहा कि वर्तमान में उनकी कोई विशेष राजनीतिक तोड़फोड़ की योजना नहीं है, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हम कोई ऑपरेशन टायगर नहीं चला रहे हैं, लेकिन जो लोग हमारे साथ आना चाहते हैं, उन्हें हम मना भी नहीं करेंगे। यदि कभी ऑपरेशन टायगर करना होगा, तो उसका निर्णय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे करेंगे। हमारे संपर्क में कई लोग हैं और आने वाले कुछ महीनों में वर्तमान राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।”
शिरसाट के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए राजनीतिक घटनाक्रमों की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मराठी भाषा अनिवार्यता पर भी बोले शिरसाट
मुंबई में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर भी संजय शिरसाट ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा का सम्मान होना चाहिए और राज्य में काम करने वालों को मराठी सीखनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “देश के हर राज्य में वहां की भाषा बोली जाती है, फिर मुंबई में मराठी क्यों नहीं? यदि पर्याप्त समय दिए जाने के बाद भी लोग मराठी सीखने को तैयार नहीं हैं, तो इसे हठधर्मिता माना जाएगा और ऐसी स्थिति में कार्रवाई भी की जाएगी।”
रोहित पवार के आंदोलन पर साधा निशाना
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार द्वारा शुरू किए गए आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए शिरसाट ने कहा कि उन्हें किसी के आंदोलन से समस्या नहीं है, लेकिन कुछ नेता केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से आंदोलन करते हैं।
उन्होंने कहा, “रोहित पवार के आंदोलन का विरोध करने का कोई कारण नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है कि वे इस मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं। कानून और व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और उन्हें आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।”
एफडीए की कार्रवाई का किया स्वागत
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा चलाए जा रहे अभियान का स्वागत करते हुए शिरसाट ने कहा कि मिलावट और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे अधिकारियों को पूरा संरक्षण देगी जो ईमानदारी से काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक संबंधित विभाग और अधिकारी निष्क्रिय क्यों थे।
शिरसाट ने कहा, “यह अभियान सराहनीय है। जो अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं, उन्हें सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। यह कार्रवाई किसी भी स्थिति में रुकनी नहीं चाहिए।”
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
संजय शिरसाट के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। ठाकरे गुट के नेताओं के शिंदे गुट के संपर्क में होने के दावों ने राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दे दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलता है या नहीं।








