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जयपुर स्थित सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक एवं रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि भूमि की उर्वरता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था की मजबूत नींव है और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण देने का प्रभावी माध्यम भी है। सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन कर रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिल रही है और राजस्थान सरकार भी किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यशाला में प्राकृतिक खेती के लाभ, जैविक संसाधनों के उपयोग, मिट्टी की गुणवत्ता संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे, गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़, प्रदेश महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, तथा भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री कैलाश चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, किसान एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्राकृतिक खेती को अपनाने के प्रति अपनी रुचि दिखाई। आयोजन का उद्देश्य किसानों को रसायन-मुक्त खेती के लिए प्रेरित करना तथा कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना रहा।








