ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी तकनीक से विकसित लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) के सफल परीक्षण पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति और तकनीकी क्षमता का प्रतीक बताया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्णतः स्वदेशी तकनीक से विकसित यह मिसाइल भारत की रक्षा क्षमताओं को नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि LRLACM का सफल परीक्षण देश के रक्षा अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे भारतीय सेनाओं की मारक क्षमता और रणनीतिक शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के कारण भारत रक्षा क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। आज देश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है और आधुनिक रक्षा तकनीकों के विकास में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा अनुसंधान, मिसाइल तकनीक, सैन्य उपकरण निर्माण और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के विकास में अभूतपूर्व प्रगति की है। LRLACM का सफल परीक्षण इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो भारत की सामरिक तैयारियों को और अधिक सशक्त बनाएगा।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और इससे जुड़े सभी विशेषज्ञों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिकों की प्रतिबद्धता, परिश्रम और नवाचार की भावना के कारण भारत आज रक्षा क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों की कतार में खड़ा है।
उन्होंने समस्त देशवासियों को भी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। भारत की वैज्ञानिक क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता का यह सफर देश को और अधिक सुरक्षित, सशक्त और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत रक्षा तकनीक और स्वदेशी सैन्य प्रणालियों के क्षेत्र में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करेगा तथा विश्व मंच पर अपनी सामरिक शक्ति को और अधिक मजबूत बनाएगा।








