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  • नासिक विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय गोकुल गीते की बड़ी जीत, जीत के बाद कार्यकर्ताओं से मांगी माफी; बोले- मैंने प्रचार रोक दिया था

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    महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नासिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते ने महायुति प्रत्याशी नरेंद्र दराडे को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया। इस जीत के बाद गोकुल गीते की पहली प्रतिक्रिया भी सामने आई, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।

    गीते ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर अपना चुनाव प्रचार रोक दिया था, लेकिन उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी और लगातार जनसंपर्क अभियान जारी रखा। उन्होंने कहा कि इसी मेहनत की बदौलत उन्हें यह ऐतिहासिक जीत मिली।

    “लोगों ने फिट उम्मीदवार चुना”

    विजय के बाद मीडिया से बातचीत में गोकुल गीते ने कहा कि छह साल के कार्यकाल के लिए मतदाताओं ने एक सक्षम और योग्य उम्मीदवार को चुना है।

    उन्होंने कहा, “यदि लोगों को एक फिट उम्मीदवार चाहिए था तो उन्होंने मुझे चुना और अनफिट उम्मीदवार को नकार दिया।”

    कार्यकर्ताओं से मांगी माफी

    गोकुल गीते ने बताया कि उन्होंने एकनाथ शिंदे और गिरीश महाजन के कहने पर चुनाव प्रचार बंद कर दिया था और घर पर ही रहे।

    उन्होंने कहा, “मैंने वरिष्ठ नेताओं के शब्दों का सम्मान करते हुए प्रचार रोक दिया था, लेकिन मेरे कार्यकर्ताओं ने उनकी बात नहीं मानी। इसके लिए मैं उनसे माफी मांगता हूं। हालांकि, उन्हीं कार्यकर्ताओं ने मुझे यह जीत दिलाई है, जिसके लिए मैं उनका जीवनभर आभारी रहूंगा।”

    नरेंद्र दराडे पर टिप्पणी से किया इनकार

    महायुति उम्मीदवार नरेंद्र दराडे ने हार के बाद विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कई नेताओं पर नाराजगी जताई थी। जब गोकुल गीते से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

    उन्होंने केवल इतना कहा, “इसका जवाब वही देंगे। मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता।”

    शिवसेना में शामिल होने पर फिलहाल चुप्पी

    चुनाव परिणाम आने के बाद गोकुल गीते के शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गईं। खबरें सामने आईं कि उनके करीबी सहयोगी से संपर्क किया गया है।

    इस पर गोकुल गीते ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

    उन्होंने कहा, “यदि आपको कुछ जानकारी है तो मुझे नहीं है। मैं अपने कार्यकर्ताओं से चर्चा किए बिना कोई निर्णय नहीं ले सकता। यह जीत केवल मेरी नहीं, बल्कि हजारों कार्यकर्ताओं की है। उनकी राय के बिना मैं कोई राजनीतिक फैसला नहीं लूंगा।”

    महायुति के लिए बड़ा झटका

    नासिक विधान परिषद चुनाव का यह परिणाम महायुति के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में गोकुल गीते की जीत ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में गोकुल गीते अपनी राजनीतिक दिशा क्या तय करते हैं।

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