
पारिवारिक मूल्यों, मेहनत, गुणवत्ता और दूरदर्शी सोच को अपना आधार बनाकर उन्होंने LILA SHYAM EXPORT को केवल एक व्यापारिक संस्था नहीं, बल्कि भारतीय वस्त्र उद्योग की वैश्विक पहचान के रूप में स्थापित किया है।
एक छोटे व्यापार से वैश्विक सफर की शुरुआत
LILA SHYAM EXPORT की शुरुआत उस समय हुई, जब खत्री परिवार ने पुष्कर में अपना व्यवसाय स्थापित किया। उस दौर में यूरोप से बड़ी संख्या में पर्यटक पुष्कर आने लगे थे, जो स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए पारंपरिक भारतीय परिधानों और हस्तनिर्मित वस्त्रों से बेहद प्रभावित होते थे।
परिवार के चारों भाइयों ने विदेशी ग्राहकों की पसंद और बाजार की जरूरतों को समझते हुए अपने व्यवसाय को नए आयाम देने का निर्णय लिया। धीरे-धीरे उन्होंने केवल स्थानीय बिक्री तक खुद को सीमित न रखकर अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के साथ भी मजबूत संबंध विकसित किए।
शुरुआती वर्षों में तैयार किए गए सभी ऑर्डर डाक सेवा के माध्यम से विदेश भेजे जाते थे। उस समय संसाधन सीमित थे, लेकिन गुणवत्ता और ग्राहकों का विश्वास उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी।
1989 में रचा इतिहास
वर्ष 1989 LILA SHYAM EXPORT के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। इसी वर्ष कंपनी पुष्कर की पहली ओवरसीज गारमेंट एक्सपोर्ट कंपनी बनी।
यह उपलब्धि केवल कंपनी के लिए नहीं, बल्कि पूरे पुष्कर और राजस्थान के वस्त्र उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक क्षण थी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय परिधानों की मांग लगातार बढ़ती गई और LILA SHYAM EXPORT ने गुणवत्ता के दम पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर ली।
नई पीढ़ी ने दी नई उड़ान
समय के साथ व्यवसाय का विस्तार होता गया। एक छोटी दुकान से शुरू हुआ यह सफर कई रिटेल स्टोर्स और बाद में एक उत्पादन इकाई तक पहुंचा। इसके बाद नई पीढ़ी ने व्यवसाय की कमान संभाली।
महेंद्र कुमार, राजू, हरिश कुमार खत्री और देविदास ने अपने पूर्वजों के अनुभव को आधुनिक तकनीक, वैश्विक व्यापारिक दृष्टिकोण और नवाचार के साथ जोड़ते हुए कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
विशेष रूप से श्री हरिश कुमार खत्री ने कंपनी की कार्यप्रणाली में आधुनिक प्रबंधन प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन क्षमता और ग्राहक सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार स्वयं को लगातार विकसित किया।
2012 में आधुनिक फैक्ट्री के साथ नई शुरुआत
कंपनी की बढ़ती मांग और वैश्विक विस्तार को देखते हुए वर्ष 2012 में LILA SHYAM EXPORT ने अपने अत्याधुनिक आधुनिक उत्पादन केंद्र में संचालन शुरू किया।
इस विशाल फैक्ट्री में आज 500 से अधिक कुशल कर्मचारी एक ही परिसर में कार्य करते हैं। आधुनिक मशीनों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप यहां बड़े पैमाने पर गारमेंट्स का निर्माण किया जाता है।
यह आधुनिक उत्पादन इकाई कंपनी की कार्यक्षमता, गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
दुनियाभर में बना भरोसे का नाम
आज LILA SHYAM EXPORT के उत्पाद दुनिया के अनेक देशों में निर्यात किए जाते हैं। यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
कंपनी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उसके अधिकांश विदेशी ग्राहक वर्षों से लगातार उसके साथ जुड़े हुए हैं। यह विश्वास केवल उत्पादों की गुणवत्ता से नहीं, बल्कि समयबद्ध डिलीवरी, पारदर्शी व्यापारिक व्यवहार और उत्कृष्ट ग्राहक सेवा के कारण संभव हुआ है।
हरिश कुमार खत्री का मानना है कि व्यापार केवल उत्पाद बेचने का माध्यम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक संबंध बनाने की प्रक्रिया है। यही सोच आज कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।
परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम
LILA SHYAM EXPORT की सफलता का सबसे बड़ा आधार उसकी यह क्षमता है कि वह राजस्थान की पारंपरिक कला और भारतीय हस्तशिल्प को आधुनिक फैशन के साथ जोड़कर वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप प्रस्तुत करती है।
कंपनी अपने डिजाइनों में भारतीय संस्कृति की झलक बनाए रखते हुए अंतरराष्ट्रीय फैशन ट्रेंड्स का भी विशेष ध्यान रखती है। यही कारण है कि उसके उत्पाद विश्वभर के ग्राहकों द्वारा पसंद किए जाते हैं।
रोजगार सृजन और सामाजिक योगदान
व्यापारिक सफलता के साथ-साथ LILA SHYAM EXPORT स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कंपनी से जुड़े सैकड़ों परिवार आज प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अपनी आजीविका चला रहे हैं।
महिलाओं को रोजगार, कौशल विकास, सुरक्षित कार्य वातावरण और कर्मचारियों के कल्याण पर विशेष ध्यान देना कंपनी की कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
भविष्य की स्पष्ट सोच
हरिश कुमार खत्री का उद्देश्य केवल व्यवसाय का विस्तार करना नहीं, बल्कि भारतीय वस्त्र उद्योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाना है। वे गुणवत्ता, नवाचार, टिकाऊ उत्पादन (Sustainable Manufacturing) और ग्राहक संतुष्टि को भविष्य की सफलता का आधार मानते हैं।
उनकी दूरदर्शी सोच और नेतृत्व ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि पारिवारिक मूल्यों, ईमानदारी, गुणवत्ता और आधुनिक दृष्टिकोण को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए, तो एक छोटे शहर से शुरू हुआ व्यवसाय भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता का नया इतिहास लिख सकता है।
आज हरिश कुमार खत्री केवल एक सफल उद्योगपति नहीं, बल्कि राजस्थान की उद्यमशीलता, भारतीय परिधान उद्योग और वैश्विक व्यापारिक उत्कृष्टता के प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। LILA SHYAM EXPORT की यह प्रेरणादायक यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश देती है कि मेहनत, गुणवत्ता और विश्वास से हर सपना वैश्विक सफलता में बदला जा सकता है।








