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  • मुख्यमंत्री विजय का विधानसभा में बड़ा हमला: NEET खत्म करने की मांग, दो-भाषा नीति पर अडिग रहने का ऐलान

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    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि NEET शिक्षा व्यवस्था में असमानता पैदा करता है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु अपनी दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेज़ी) पर पूरी तरह कायम रहेगा और किसी भी भाषा को थोपने का विरोध जारी रहेगा।

    NEET को बताया असमानता बढ़ाने वाला

    मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि NEET जैसी परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के साथ न्याय नहीं करती। उन्होंने दोहराया कि तमिलनाडु लंबे समय से इस परीक्षा का विरोध करता रहा है और राज्य की मांग है कि मेडिकल प्रवेश कक्षा 12 के अंकों के आधार पर दिए जाएं।

    उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समान अवसर देना होना चाहिए, न कि छात्रों के बीच असमानता पैदा करना।

    दो-भाषा नीति पर सरकार का स्पष्ट रुख

    विधानसभा में विजय ने कहा कि तमिलनाडु की मौजूदा दो-भाषा नीति राज्य के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि तमिल राज्य की पहचान है, जबकि अंग्रेज़ी वैश्विक स्तर पर अवसर उपलब्ध कराती है। ऐसे में किसी तीसरी भाषा को अनिवार्य बनाने की आवश्यकता नहीं है।

    उन्होंने केंद्र पर परोक्ष रूप से हिंदी थोपने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि तमिलनाडु अपनी भाषा और संस्कृति की रक्षा करता रहेगा।

    विपक्ष पर बोला हमला

    मुख्यमंत्री विजय ने विपक्षी DMK पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को “सिर्फ अभिनेता की पार्टी” कहकर कमज़ोर बताने वालों को जनता ने चुनाव में जवाब दे दिया है।

    उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को जनता का व्यापक समर्थन मिला और तमिलनाडु के लोगों ने विश्वास जताकर सरकार बनाने का अवसर दिया। विजय ने कहा कि सत्ता तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था और उनकी पार्टी ने कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया।

    करूर भगदड़ का भी किया जिक्र

    अपने संबोधन में विजय ने वर्ष 2025 के करूर भगदड़ हादसे का भी उल्लेख किया, जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके लिए बेहद दुखद है और इस दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

    उन्होंने आरोप लगाया कि इस दुखद घटना के लिए भी उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया, जबकि इसे राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए था।

    “हमारी राजनीति हर परिवार के लिए”

    मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार किसी एक परिवार की राजनीति नहीं करती बल्कि तमिलनाडु के प्रत्येक परिवार के विकास के लिए काम कर रही है।

    उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1967 में सी.एन. अन्नादुरई की सरकार आम जनता के लिए बनी थी, 1977 में एम.जी. रामचंद्रन ने जनता की सरकार बनाई और अब 2026 में उनकी सरकार भी आम लोगों की सरकार है।

    विधानसभा में दिखा फिल्मी अंदाज़

    अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति लेकर एक फिल्मी अंदाज़ में प्रतीकात्मक इशारा भी किया। इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। इस घटनाक्रम ने विधानसभा में मौजूद सभी सदस्यों का ध्यान आकर्षित किया।

    विजय के इस पूरे संबोधन को तमिलनाडु की नई सरकार के राजनीतिक एजेंडे और शिक्षा, भाषा तथा राज्य के अधिकारों को लेकर उसके स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है।

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