फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ गोल दागकर टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। हालांकि, इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अब विवाद खड़ा हो गया है। फुटबॉल विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि मेसी का पहला गोल VAR की समीक्षा के बाद रद्द कर दिया जाना चाहिए था।
अर्जेंटीना ने ग्रुप-जे के मुकाबले में ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की और नॉकआउट चरण में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली। इस मैच में मेसी ने दो गोल किए, लेकिन चर्चा उनके पहले गोल को लेकर सबसे ज्यादा हो रही है।
पीटर श्माइकल ने उठाए रेफरी के फैसले पर सवाल
पूर्व डेनमार्क गोलकीपर और मैनचेस्टर यूनाइटेड के दिग्गज पीटर श्माइकल ने प्रसारण के दौरान कहा कि मेसी का पहला गोल वैध नहीं था।
उनका कहना था कि गोल बनने से ठीक पहले अर्जेंटीना के खिलाड़ी एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने ऑस्ट्रियाई मिडफील्डर ज़ेवर श्लागर को पीछे से टक्कर मारी थी, जो स्पष्ट रूप से फाउल था।
श्माइकल ने कहा कि यह एक स्पष्ट और गंभीर रेफरिंग गलती थी, जिसे VAR को सुधारना चाहिए था। उनके अनुसार उस फाउल के बाद खेल रोककर ऑस्ट्रिया को फ्री-किक मिलनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उसी मूव से मेसी ने गोल कर दिया।
मेसी ने तोड़ा वर्ल्ड कप का बड़ा रिकॉर्ड
इस गोल के साथ मेसी फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़े को पीछे छोड़ते हुए अपना 17वां विश्व कप गोल दर्ज किया।
इसके बाद मेसी ने दूसरा गोल भी दागा और अर्जेंटीना को 2-0 की शानदार जीत दिलाई। लगातार दो जीत के बाद अर्जेंटीना ने अंतिम-32 चरण के लिए क्वालिफाई कर लिया है। अब टीम का अंतिम ग्रुप मुकाबला जॉर्डन के खिलाफ होगा।
पहले भी विवादों में रहे हैं मेसी
यह पहली बार नहीं है जब मौजूदा विश्व कप में मेसी को लेकर रेफरिंग विवाद सामने आया हो।
अल्जीरिया के खिलाफ पहले ग्रुप मुकाबले में भी मेसी के एक स्टड्स-अप टैकल पर उन्हें रेड कार्ड नहीं दिखाया गया था। उस मैच के बाद अल्जीरियाई फुटबॉल महासंघ ने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी और दावा किया था कि मेसी सहित अर्जेंटीना के खिलाड़ियों की कई घटनाओं में VAR ने हस्तक्षेप नहीं किया।
अल्जीरियाई अधिकारियों का कहना था कि कम से कम तीन ऐसे मौके थे, जिनमें वीडियो समीक्षा के बाद कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
फीफा की ओर से नहीं आया कोई बयान
ऑस्ट्रिया के खिलाफ मेसी के गोल को लेकर बढ़ते विवाद के बावजूद अब तक फीफा की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि VAR तकनीक का उद्देश्य स्पष्ट रेफरिंग गलतियों को सुधारना है, तो इस मामले में इसकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठते हैं। दूसरी ओर, मेसी के समर्थकों का कहना है कि रेफरी का फैसला अंतिम होता है और रिकॉर्ड आधिकारिक रूप से दर्ज किया जा चुका है।
अब यह विवाद विश्व कप के सबसे चर्चित रेफरिंग फैसलों में शामिल हो गया है और आने वाले दिनों में इस पर बहस जारी रहने की संभावना है।








