महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शहर के प्रसिद्ध न्यूरॉन अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक डॉ. ईश्वरचंद्र चांदेवार अपने केबिन में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। इस घटना से चिकित्सा जगत में शोक और हैरानी का माहौल है। प्रारंभिक जांच में उनके केबिन से कुछ इंजेक्शन मिलने के बाद ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
धंतोली पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
काम पूरा कर विश्राम के लिए गए, फिर बाहर नहीं आए
जानकारी के अनुसार, डॉ. ईश्वरचंद्र चांदेवार आयुर्वेदिक चिकित्सक थे और न्यूरॉन अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत थे। सोमवार सुबह वह रोज की तरह अस्पताल पहुंचे और मरीजों की जांच सहित अपनी नियमित जिम्मेदारियां पूरी कीं।
काम समाप्त होने के बाद वह अपने केबिन में विश्राम के लिए चले गए। काफी समय बीतने के बावजूद जब वह बाहर नहीं आए तो अस्पताल के कर्मचारियों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इससे कर्मचारियों को संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस
सूचना मिलने पर धंतोली पुलिस मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद जब केबिन का दरवाजा खोला गया तो डॉक्टर अंदर अचेत अवस्था में मिले। तत्काल जांच करने पर उनकी मौत की पुष्टि हुई।
घटनास्थल की तलाशी के दौरान केबिन में कुछ इंजेक्शन भी मिले। इन्हीं इंजेक्शनों के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने डॉक्टर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटनास्थल से मिले इंजेक्शन और अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, किसी दवा के ओवरडोज से या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
चिकित्सा जगत में शोक की लहर
डॉ. ईश्वरचंद्र चांदेवार के अचानक निधन से अस्पताल के डॉक्टरों, कर्मचारियों और मरीजों में गहरा शोक है। सहकर्मियों के अनुसार, वह अपने शांत स्वभाव और मरीजों के प्रति समर्पित सेवा के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर से पूरे चिकित्सा समुदाय में दुख का माहौल है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और परिजनों व अस्पताल कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक मौत के कारणों को लेकर किसी भी तरह की अटकलें लगाना उचित नहीं होगा।








