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  • महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता की दिशा में बड़ा कदम; सरकार ने बनाई समिति, जल्द लागू होने के संकेत

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    महाराष्ट्र सरकार ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उत्तराखंड और अन्य भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर अब महाराष्ट्र में भी समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। राज्य सरकार के मंत्री सिद्धेश कदम ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि समिति अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद राज्य में इस कानून को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    समान नागरिक संहिता के लिए समिति का गठन

    मंत्री सिद्धेश कदम ने बताया कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के विभिन्न कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति सभी संबंधित पक्षों से चर्चा कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।

    समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी और समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया जाएगा।

    उत्तराखंड मॉडल पर आगे बढ़ रहा महाराष्ट्र

    उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई। इसके बाद कई भाजपा शासित राज्यों में भी इस कानून को लागू करने को लेकर पहल शुरू हुई है।

    अब महाराष्ट्र में समिति गठित होने के बाद यह माना जा रहा है कि राज्य सरकार भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

    क्या है समान नागरिक संहिता?

    समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने, संपत्ति के बंटवारे और अन्य पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

    वर्तमान में भारत में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद इन मामलों में सभी नागरिकों पर एक समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी।

    राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने की संभावना

    समान नागरिक संहिता लंबे समय से देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रही है। केंद्र सरकार भी कई बार इसे संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बता चुकी है।

    महाराष्ट्र में समिति के गठन के बाद विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना है।

    कानून कब होगा लागू?

    फिलहाल राज्य सरकार ने केवल समिति का गठन किया है। समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद मंत्रिमंडल और विधानसभा स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    हालांकि मंत्री सिद्धेश कदम ने संकेत दिए हैं कि राज्य में समान नागरिक संहिता जल्द लागू की जाएगी, लेकिन इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है।

    महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता को लेकर उठाया गया यह कदम राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अब सभी की नजर समिति की रिपोर्ट और सरकार के अगले फैसले पर टिकी है।

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