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  • लोणावला हत्याकांड: शादी से पहले मंगेतर की हत्या क्यों की? कारोबारी केतन अग्रवाल केस में चौंकाने वाला खुलासा

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    लोणावला के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शुरुआत में इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब पुलिस का दावा है कि यह एक पूर्व नियोजित हत्या थी। इस मामले में केतन की होने वाली पत्नी सिया गोयल और उसके एक मित्र पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।

    लोणावला ग्रामीण पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

    शाही अंदाज में होने वाली थी शादी

    केतन अग्रवाल शहर के जाने-माने उद्योगपति विशाल अग्रवाल के पुत्र थे। उनका विवाह शहर के प्रतिष्ठित मसाला कारोबारी गोयल परिवार की बेटी सिया गोयल से तय हुआ था।

    दो बड़े कारोबारी परिवारों के इस विवाह समारोह की तैयारियां भव्य स्तर पर चल रही थीं। शादी का आयोजन जयपुर में होना था और मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड विमानों तक की व्यवस्था की गई थी।

    लेकिन शादी से पहले ही यह रिश्ता एक सनसनीखेज हत्या के मामले में बदल गया।

    हत्या के पीछे क्या थी वजह?

    पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, सिया गोयल इस शादी से खुश नहीं थी और वह केतन अग्रवाल से विवाह नहीं करना चाहती थी। इसी कारण उसने अपने एक मित्र के साथ मिलकर कथित रूप से हत्या की साजिश रची।

    जांच में सामने आया है कि योजना के तहत केतन को लोहगढ़ किले पर घूमने के बहाने ले जाया गया, जहां मौका देखकर उन्हें गहरी खाई में धक्का दे दिया गया। गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    पहले हादसा समझा गया था मामला

    घटना के बाद शुरुआती तौर पर इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ दुर्घटनावश हादसा माना गया था। इसी आधार पर लोणावला ग्रामीण पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था।

    हालांकि जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे पुलिस को संदेह हुआ कि मामला सामान्य दुर्घटना नहीं है।

    सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला राज

    पुलिस ने लोहगढ़ किले और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक की गतिविधियों ने जांच अधिकारियों का ध्यान खींचा।

    बताया गया कि तेज गर्मी के बावजूद युवक ने हुडी पहन रखी थी और उसके कानों में हेडफोन थे। उसकी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया।

    इसी जांच के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि केतन अग्रवाल की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी।

    दोनों आरोपियों की तलाश जारी

    पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

    इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के कारोबारी जगत में भारी चर्चा है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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