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  • ‘एकनाथ शिंदे का अहंकार देवेंद्र फडणवीस को भी ले डूबेगा’, सामना का हमला; छह सांसदों के दल-बदल पर शिवसेना (UBT) का तीखा संपादकीय

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    शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और एकनाथ शिंदे गुट के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। उद्धव ठाकरे गुट के छह लोकसभा सांसदों के शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ ने तीखा संपादकीय प्रकाशित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    संपादकीय में दावा किया गया है कि एकनाथ शिंदे की राजनीति और “दौलत से पैदा हुआ अहंकार” भविष्य में देवेंद्र फडणवीस के लिए भी मुश्किलें खड़ी करेगा। साथ ही आरोप लगाया गया कि महाराष्ट्र की राजनीति को निजी महत्वाकांक्षाओं के कारण पीछे धकेला जा रहा है।

    “महाराष्ट्र 25 साल पीछे चला गया”

    सामना के संपादकीय में कहा गया कि शिंदे और फडणवीस के बीच कथित गठजोड़ ने राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है।

    लेख में आरोप लगाया गया कि भ्रष्ट राजनीतिक गठबंधन के कारण महाराष्ट्र विकास के मामले में पीछे चला गया है और जनता के मुद्दों की बजाय सत्ता बचाने की राजनीति हो रही है।

    “दिल्ली में शिंदे को मिल रहा समर्थन”

    संपादकीय में दावा किया गया कि दिल्ली में एक प्रभावशाली राजनीतिक धड़ा एकनाथ शिंदे का समर्थन कर रहा है, जो भविष्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए चुनौती बन सकता है।

    लेख में कहा गया कि फडणवीस फिलहाल शिंदे की “डिलीवरी” का जश्न मना रहे हैं, लेकिन यही राजनीति आगे चलकर उनके लिए संकट खड़ा कर सकती है।

    छह सांसदों के दल-बदल पर निशाना

    हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के छह लोकसभा सांसदों ने शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया था। इस घटनाक्रम पर सामना ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इन सांसदों को “गद्दार” बताया।

    संपादकीय में आरोप लगाया गया कि इस पूरे राजनीतिक अभियान पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

    “डिलीवरी नहीं, छह गद्दार पैदा किए”

    सामना ने भाजपा नेताओं द्वारा मिठाई बांटने पर भी तंज कसते हुए लिखा कि यह किसी उपलब्धि का नहीं बल्कि “छह गद्दार पैदा करने” का जश्न है।

    लेख में व्यंग्यात्मक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा गया कि यह कोई सामान्य राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि धनबल के सहारे कराया गया दल-बदल है।

    महाराष्ट्र के मुद्दे छोड़ राजनीतिक उत्सव का आरोप

    संपादकीय में राज्य के कई ज्वलंत मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया।

    लेख के अनुसार मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले सात प्रमुख जलाशयों में जलस्तर काफी नीचे पहुंच चुका है और कई इलाकों में पानी की कटौती शुरू हो गई है। इसके बावजूद सरकार राजनीतिक कार्यक्रमों और दल-बदल के प्रचार में व्यस्त है।

    NEET पेपर लीक का भी उठाया मुद्दा

    सामना ने हालिया NEET पेपर लीक विवाद का भी उल्लेख करते हुए राज्य सरकार और भाजपा पर निशाना साधा।

    संपादकीय में दावा किया गया कि पेपर लीक का केंद्र महाराष्ट्र रहा और इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के भाजपा से जुड़े होने के आरोप लगाए गए। साथ ही विपक्ष से विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की अपील भी की गई।

    राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत

    उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों के शिंदे खेमे में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर शिंदे गुट इसे अपनी राजनीतिक मजबूती बता रहा है, वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना इसे लोकतंत्र और जनादेश के साथ विश्वासघात करार दे रही है।

    आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति और अधिक गर्माने की संभावना है।

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