ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार अब अगले महीने 5 से 9 जुलाई 2026 के बीच तेहरान में आयोजित किया जाएगा। इस बहु-दिवसीय राजकीय समारोह में शामिल होने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष निमंत्रण भेजा है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अभी तक इस निमंत्रण को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राजनयिक सूत्रों के अनुसार, यह निमंत्रण भारत और ईरान के पारंपरिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए भेजा गया है। यदि प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाएगा।
चार महीने बाद होगा अंतिम संस्कार
अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान हुई थी। प्रारंभिक योजना के अनुसार उनका अंतिम संस्कार मार्च में ही किया जाना था, लेकिन क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष और सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था।
अब हालात सामान्य होने के बाद ईरान सरकार ने अंतिम संस्कार की नई तारीख घोषित की है। यह समारोह कई दिनों तक चलेगा, जिसमें दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
हमले में हुई थी मौत
रिपोर्टों के अनुसार, अयातुल्ला खामेनेई अपने आवास पर वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इसी दौरान उनके ठिकाने पर अमेरिका और इजराइल की ओर से संयुक्त हवाई हमला किया गया।
बताया गया कि हमला बेहद शक्तिशाली था, जिसमें खामेनेई की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे मध्य पूर्व की राजनीति को झकझोर दिया था और क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया था।
1989 से संभाल रहे थे ईरान की कमान
अयातुल्ला अली खामेनेई ने वर्ष 1989 में ईरान के पहले सुप्रीम लीडर अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद देश की सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक जिम्मेदारी संभाली थी।
करीब 37 वर्षों तक उन्होंने ईरान की आंतरिक और विदेश नीति को दिशा दी। उनके नेतृत्व में ईरान ने परमाणु कार्यक्रम, पश्चिमी देशों के साथ टकराव, क्षेत्रीय रणनीति और सैन्य ढांचे को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
पीएम मोदी को मिला विशेष निमंत्रण
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है। कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि ईरान इस कार्यक्रम में भारत सहित कई प्रमुख देशों के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति चाहता है।
हालांकि, विदेश मंत्रालय या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी इस समारोह में शामिल होंगे या नहीं।
वैश्विक नेताओं की मौजूदगी की संभावना
तेहरान में होने वाले इस अंतिम संस्कार में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों, प्रधानमंत्रियों, विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं, क्योंकि यह कार्यक्रम हाल के वर्षों के सबसे बड़े राजकीय आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समारोह केवल एक धार्मिक और राजकीय आयोजन नहीं होगा, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों और पश्चिम एशिया की नई राजनीतिक परिस्थितियों का भी महत्वपूर्ण संकेतक साबित हो सकता है।








