पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे “बेहद चौंकाने वाली और कल्पना से परे घटना” बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले को केवल एक आपराधिक घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि समाज के लिए यह आत्ममंथन का विषय है कि आखिर शिक्षित और संपन्न परिवारों के बच्चों में इतनी हिंसक और प्रतिशोधपूर्ण मानसिकता क्यों विकसित हो रही है।
शुक्रवार को पुणे में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना पूरे समाज को सोचने पर मजबूर करती है और केवल कानून व्यवस्था का नहीं बल्कि सामाजिक मूल्यों का भी गंभीर प्रश्न है।
“सिर्फ अपराध नहीं, सामाजिक सोच का विषय”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केतन अग्रवाल की हत्या जैसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि समाज में कहीं न कहीं नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को लेकर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा,
“यह अत्यंत चौंकाने वाली घटना है। ऐसी घटना की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हमें यह सोचना होगा कि आखिर शिक्षित और आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के बच्चों में इतनी दुर्भावनापूर्ण और विनाशकारी सोच क्यों विकसित हो रही है। इस मामले को केवल अपराध के रूप में नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी देखने की जरूरत है। हमें ऐसा सामाजिक वातावरण तैयार करना होगा, जहां युवाओं के मन में इतनी क्रूर और प्रतिशोधपूर्ण मानसिकता जन्म ही न ले।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं और इनसे सबक लेने की आवश्यकता है।
केतन के पिता ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात
मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब मृतक केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने उनसे मुलाकात कर मामले की पूरी जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की मांग की।
विशाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मामले की सुनवाई शीघ्र पूरी कर दोषियों को कठोरतम सजा, विशेष रूप से मृत्युदंड, दिलाया जाए।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विशाल अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को जल्द से जल्द न्यायालय से उचित सजा मिले।
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
साजिश में और लोगों के शामिल होने का संदेह
केतन अग्रवाल के पिता ने यह भी दावा किया कि हत्या की साजिश में केवल दो आरोपी ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है।
उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल के भाई साहिल गोयल के बीच घनिष्ठ मित्रता थी। इस वजह से उन्हें आशंका है कि हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने पुलिस से पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करने की मांग की ताकि यदि किसी और की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो सके।
बाल झड़ने की बीमारी को लेकर भी दी सफाई
विशाल अग्रवाल ने उन चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी जिनमें कहा जा रहा था कि केतन की शारीरिक स्थिति को लेकर विवाह में कोई विवाद था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केतन को एक चिकित्सकीय कारण से सिर के एक छोटे हिस्से में बाल झड़ने की समस्या थी और इस बारे में सिया गोयल तथा उसके परिवार को विवाह तय होने से पहले ही पूरी जानकारी दे दी गई थी।
उन्होंने कहा,
“यदि यह किसी प्रकार की समस्या थी, तो उस समय शादी से इनकार किया जा सकता था। रिश्ता स्वीकार करने के बाद इस मुद्दे को हत्या का कारण बताना पूरी तरह गलत है।”
पहले हादसा समझा गया था मामला
केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान हुई एक दुर्घटना माना गया था। बताया गया था कि फोटो खिंचवाते समय तेज हवा के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में गिर गए।
हालांकि, पुलिस को घटना के बाद सिया गोयल के व्यवहार पर संदेह हुआ। जांच आगे बढ़ने पर कई परिस्थितिजन्य और तकनीकी साक्ष्य सामने आए, जिसके बाद मामला दुर्घटना से बदलकर सुनियोजित हत्या की दिशा में पहुंच गया।
हत्या के आरोप में गिरफ्तार हैं सिया और चेतन
पुलिस जांच के अनुसार, सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची थी।
आरोप है कि दोनों ने पहले भी हत्या की एक कोशिश की थी, जो असफल रही। बाद में दोबारा लोहागढ़ किले पर बुलाकर केतन को कथित तौर पर पीछे से धक्का देकर गहरी खाई में गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद यह मामला अब केवल एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस ही नहीं, बल्कि युवाओं की मानसिकता, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक परिवेश पर गंभीर बहस का विषय बन गया है। सरकार और जांच एजेंसियां इस मामले में हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं, जबकि पीड़ित परिवार दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा दिलाने की मांग पर अडिग है।








