पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में अब एक नया और अहम एंगल सामने आया है। जांच एजेंसियां इस संभावना की पड़ताल कर रही हैं कि क्या मुख्य आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी कथित प्रेमिका सिया गोयल को ब्लैकमेल कर उसके मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या के लिए मजबूर किया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच का फोकस अब डिजिटल सबूतों, बैंक लेनदेन और दोनों आरोपियों के बीच हुई बातचीत पर है।
ब्लैकमेल की आशंका की जांच
जांच अधिकारियों को संदेह है कि चेतन चौधरी ने सिया के साथ हुई निजी बातचीत, कॉल रिकॉर्डिंग और निजी संदेशों का इस्तेमाल उसे ब्लैकमेल करने के लिए किया हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या चेतन ने सिया को धमकी दी थी कि यदि उसने हत्या की साजिश में साथ नहीं दिया तो वह उनके संबंधों का खुलासा अग्रवाल परिवार के सामने कर देगा।
इसके अलावा, मई में कथित रूप से हत्या की पहली असफल कोशिश में सिया की भूमिका का हवाला देकर भी उसे साजिश में बने रहने के लिए मजबूर किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
क्या संपत्ति बनी हत्या की वजह?
पुलिस इस संभावना पर भी काम कर रही है कि शुरुआत में चेतन और सिया केवल घर से भागकर शादी करना चाहते थे, लेकिन बाद में केतन अग्रवाल के परिवार की आर्थिक संपन्नता और सामाजिक प्रतिष्ठा को देखते हुए हत्या की योजना बनाई गई।
जांचकर्ताओं का मानना है कि चेतन भविष्य में सिया के जरिए अग्रवाल परिवार की संपत्ति और संसाधनों का लाभ उठाना चाहता था। हालांकि इस एंगल की अभी पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की जांच
पुलिस ने सिया गोयल के बैंक खातों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों को शक है कि हत्या की साजिश के दौरान चेतन को आर्थिक मदद पहुंचाई गई हो सकती है।
जांच में निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:
- क्या सिया ने चेतन के यात्रा, निगरानी और अन्य खर्चों के लिए पैसे ट्रांसफर किए थे।
- क्या चेतन ने हत्या की साजिश में शामिल रहने के बदले बड़ी रकम की मांग की थी।
- क्या सिया ने भविष्य में नियमित आर्थिक सहायता देने का वादा किया था।
- हत्या से पहले नकद निकासी कर चेतन को भुगतान किया गया था या नहीं।
फॉरेंसिक और वित्तीय जांच एजेंसियां इन सभी लेनदेन की जांच कर रही हैं।
17 करोड़ की शादी की थी तैयारी
जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और केतन अग्रवाल की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर 2026 में उनकी भव्य शादी प्रस्तावित थी।
दोनों परिवारों ने जयपुर के एक महल को करीब 17 करोड़ रुपये में बुक किया था। मेहमानों के लिए दो निजी विमान तक बुक किए गए थे। लेकिन शादी से कुछ महीने पहले ही यह रिश्ता एक सनसनीखेज हत्या में बदल गया।
पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश
पुलिस जांच के अनुसार, 14 जून को सिया कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ किले पर ले गई थी, जहां उसे धक्का देने की कोशिश की गई।
हालांकि उस समय केतन झाड़ियों का सहारा लेकर बच गया। घटना के बाद सिया ने कथित तौर पर सांप दिखने का बहाना बनाकर पूरी घटना को दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश की।
इसके कुछ दिन बाद 18 जून को सिया ने दोबारा केतन को उसी स्थान पर बुलाया, जहां चेतन पहले से मौजूद था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को पीछे से धक्का देकर गहरी खाई में गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
‘प्लान-सी’ की भी थी तैयारी
जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आरोपियों ने हत्या की साजिश के लिए वैकल्पिक योजना यानी “प्लान-सी” भी तैयार कर रखी थी, ताकि यदि मुख्य योजना विफल हो जाए तो दूसरी रणनीति अपनाई जा सके।
इससे पुलिस का मानना है कि पूरी वारदात पूर्व नियोजित थी।
पहले दुर्घटना समझा गया मामला
शुरुआत में केतन अग्रवाल की मौत को ट्रेकिंग के दौरान तेज हवा में संतुलन बिगड़ने से हुई दुर्घटना माना गया था।
लेकिन जांच अधिकारियों को सिया के व्यवहार पर संदेह हुआ क्योंकि घटना के बाद उसमें शोक या घबराहट के सामान्य भाव नहीं दिखाई दिए। इसके बाद तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच का रुख बदल गया।
आमने-सामने पूछताछ में एक-दूसरे पर लगाए आरोप
गुरुवार को पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने एक-दूसरे को हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड बताया। दोनों ने अपनी भूमिका कम बताते हुए पूरे मामले की जिम्मेदारी दूसरे पर डालने की कोशिश की।
फिलहाल पुलिस डिजिटल सबूत, बैंक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।








