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  • ऑपरेशन सिंदूर के 6 वीरों के नाम पहली बार सार्वजनिक: शहीदों की शौर्यगाथा अब राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर होगी अमर

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    भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह सैन्य वीरों के नाम पहली बार सार्वजनिक कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इन शहीदों की पहचान उजागर करते हुए बताया कि इनके नाम अब नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) के ‘त्याग चक्र’ पर स्थायी रूप से अंकित किए जाएंगे।

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के पांच और भारतीय वायुसेना के एक जवान ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए थे। अब तक इन शहीदों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए थे।

    ये हैं ऑपरेशन सिंदूर के छह अमर शहीद

    सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर में शहीद होने वाले वीर सैनिकों में शामिल हैं—

    • सूबेदार मेजर पवन कुमार
    • राइफलमैन सुनील कुमार
    • लांस नायक दिनेश कुमार
    • अग्निवीर मुरली नायक
    • हवलदार सुनील कुमार सिंह
    • भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार

    इन सभी वीर जवानों ने ऑपरेशन के दौरान अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

    राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अमर होगी वीरता

    सरकार ने बताया कि इन छह शहीदों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के ‘त्याग चक्र’ (Circle of Sacrifice) में अंकित किए जाएंगे। यह स्मारक उन सभी सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

    ‘त्याग चक्र’ में 16 गोलाकार ग्रेनाइट दीवारें हैं, जिन पर स्वतंत्र भारत के प्रत्येक शहीद सैनिक का नाम, रैंक और यूनिट दर्ज की जाती है। अब ऑपरेशन सिंदूर के इन छह वीरों के नाम भी इस गौरवशाली सूची का हिस्सा बनेंगे।

    पहलगाम आतंकी हमले का जवाब था ऑपरेशन सिंदूर

    ऑपरेशन सिंदूर भारत की ओर से 7 मई 2025 को शुरू किया गया सैन्य अभियान था। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।

    भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले कर आतंकवादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया था।

    चार दिन तक चला सैन्य संघर्ष

    भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी हमले किए, जिसके चलते दोनों देशों के बीच चार दिनों तक सैन्य तनाव बना रहा। इस दौरान सीमा पर भारी गोलाबारी, ड्रोन हमले और हवाई संघर्ष देखने को मिले।

    लगातार बढ़ते तनाव के बीच 10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम लागू हुआ और सैन्य कार्रवाई समाप्त हुई।

    ‘सिंदूर’ नाम के पीछे था भावनात्मक संदेश

    इस सैन्य अभियान का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बेहद सोच-समझकर रखा गया था। ‘सिंदूर’ भारतीय परंपरा में विवाहित महिलाओं के सुहाग का प्रतीक माना जाता है।

    पहलगाम आतंकी हमले में कई महिलाओं ने अपने पति खो दिए थे। ऐसे में इस अभियान का नाम उन परिवारों के दर्द, न्याय की भावना और आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना गया।

    2025 के सभी शहीदों की सूची भी जारी

    सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के छह वीरों के नाम 2025 के दौरान विभिन्न सैन्य अभियानों में शहीद हुए सभी सैनिकों की सूची के साथ जारी किए हैं।

    रक्षा अधिकारियों के अनुसार इन नामों को सार्वजनिक करने का उद्देश्य देशवासियों को उन वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान से अवगत कराना और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

    राष्ट्र हमेशा रहेगा ऋणी

    ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर भारतीय सशस्त्र बलों की साहस, रणनीतिक क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ अडिग संकल्प को दुनिया के सामने साबित किया। इस अभियान में शहीद हुए छह वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा।

    अब राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के ‘त्याग चक्र’ पर अंकित उनके नाम आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देते रहेंगे कि राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान कभी भुलाया नहीं जाता।

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