अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर मंदिर में प्राप्त नकदी और कीमती वस्तुओं की गिनती के दौरान करोड़ों रुपये के गबन और साजिश रचने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी की जांच की जा रही है।
पहले आरोपों से इनकार, फिर SIT जांच
इस विवाद के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुरुआती दिनों में इसे “झूठा नैरेटिव” बताया था। वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी किसी तरह की अनियमितता से इनकार किया था।
हालांकि बाद में ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी।
रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन इसके दो दिन बाद पुलिस ने एफआईआर में नामजद आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति रखने और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी अयोध्या में ही मौजूद थे और उन्हें गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया। अब उनसे पूछताछ जारी है।
कौन हैं गिरफ्तार किए गए 8 आरोपी?
1. रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव
टिन्नू यादव इस मामले का सबसे चर्चित नाम है। वह पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का ड्राइवर रह चुका है और विश्व हिंदू परिषद के कारसेवकपुरम से जुड़ा हुआ था।
आरोप है कि मंदिर के दानपात्रों की चाबियां उसी के पास रहती थीं और वह दान गिनने की पूरी प्रक्रिया पर प्रभाव रखता था। हालांकि टिन्नू यादव ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
2. रामाशंकर मिश्रा उर्फ रवि मिश्रा
रवि मिश्रा भी दान गिनने की प्रक्रिया से जुड़ा था। आरोप है कि उसने अपने बेटे और दामाद को भी इस काम में शामिल कर कथित गबन की साजिश रची।
3. अनुकल्प मिश्रा
अनुकल्प मिश्रा, रवि मिश्रा का बेटा है। वह भी दान गिनने वाली टीम का हिस्सा था। बताया जा रहा है कि वह ट्रस्टी अनिल मिश्रा का रिश्तेदार भी है।
4. लवकुश मिश्रा
लवकुश मिश्रा रवि मिश्रा का दामाद है। पुलिस का आरोप है कि कथित गबन की रकम को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी उसी पर थी। जांच के दौरान उसके घर से भी धन बरामद होने की बात सामने आई है।
5. अविनाश शुक्ला
अविनाश शुक्ला मंदिर का अटेंडेंट बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वह कथित हेराफेरी करने वाले समूह का अहम सदस्य था। उसके बैंक खाते से लगभग 5 लाख रुपये बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
6. मनीष कुमार यादव
मनीष यादव, टिन्नू यादव का भतीजा है और दान गिनने की प्रक्रिया में शामिल था। पुलिस का दावा है कि उसके घर से भी कथित गबन की रकम बरामद हुई है।
7. सुभाष श्रीवास्तव
सुभाष श्रीवास्तव एक पूर्व बैंक कर्मचारी है। वह नकदी गिनने वाले कर्मचारियों का प्रभारी था।
8. करुणेश पांडेय
करुणेश पांडेय पर दान की रसीदों और रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है।
कैसे होती थी दान की गिनती?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नकदी गिनने का कार्य भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को अधिकृत किया था। इसके बाद SBI ने एक निजी एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपी थी।
दान की गिनती के लिए कुल 14 सदस्यीय टीम बनाई गई थी, जिसमें 11 बैंक कर्मचारी और 3 ट्रस्ट प्रतिनिधि शामिल थे।
विपक्ष ने उठाए सवाल
हालांकि पुलिस कार्रवाई के बावजूद विपक्ष ने इसे “आईवॉश” करार दिया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि एफआईआर में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विशेषकर महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा की जवाबदेही तय नहीं की गई है।
करोड़ों का दान मिलता है राम मंदिर को
जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से मंदिर में भारी मात्रा में दान प्राप्त हो रहा है।
वित्त वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कुल आय लगभग 327 करोड़ रुपये रही। इसमें 153 करोड़ रुपये दान और 173 करोड़ रुपये ब्याज से प्राप्त हुए।
मंदिर में प्रतिदिन औसतन 70 से 80 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि सप्ताहांत और त्योहारों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और कथित गबन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।








