केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जल्द ही अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल कर सकती है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की घोषणा होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि जिन मंत्रियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है, उन्हें हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
जुलाई के पहले सप्ताह में हो सकती है घोषणा
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अब केवल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। चर्चा है कि दो केंद्रीय मंत्रियों की जगह नए सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
यह फेरबदल आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महाराष्ट्र के दो सांसदों के नाम सबसे आगे
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच महाराष्ट्र के दो सांसदों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
बताया जा रहा है कि श्रीकांत शिंदे और संजय दिना पाटिल को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। दोनों नेताओं के नामों को लेकर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चाएं हो रही हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अटकलें तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी भी समय मंत्रिमंडल विस्तार की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
एकनाथ शिंदे की बैठक के बाद बढ़ी चर्चाएं
कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के छह सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए।
इस घटनाक्रम के बाद शिंदे गुट की राजनीतिक ताकत बढ़ी है और माना जा रहा है कि इसका असर केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में भी देखने को मिल सकता है।
‘ऑपरेशन टाइगर’ में अहम भूमिका निभाने की चर्चा
राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि ठाकरे गुट के सांसदों को शिंदे गुट में लाने की पूरी रणनीति में सांसद श्रीकांत शिंदे की अहम भूमिका रही। बताया जा रहा है कि उन्होंने सांसदों से लगातार संपर्क बनाए रखा और ‘ऑपरेशन टाइगर’ को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इसी वजह से उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान मिलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन दिल्ली में चल रही राजनीतिक गतिविधियों और लगातार हो रही बैठकों को देखते हुए माना जा रहा है कि जुलाई के पहले सप्ताह में बड़ा फेरबदल सामने आ सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि मोदी सरकार किन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करती है और किन मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी होती है।








