कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां सड़क किनारे खड़े पेड़ की सूखी डाल अचानक टूटकर एक बाइक सवार पर गिर गई। हादसे में 53 वर्षीय व्यक्ति के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घायल की पहचान सुरेश के रूप में हुई है, जो एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि वह अपने फील्ड वर्क के दौरान ग्राहकों से लोन की किस्तें वसूलने के लिए विभिन्न स्थानों पर जा रहे थे।
अचानक टूटी सूखी डाल, सिर पर गिरते ही हुआ हादसा
यह घटना शनिवार शाम करीब 5 बजे बेंगलुरु के राम मंदिर रोड के पास हुई।
सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि सुरेश अपनी मोटरसाइकिल से सामान्य गति से सड़क पर जा रहे थे। तभी सड़क किनारे मौजूद एक पेड़ की बड़ी सूखी डाल अचानक टूटकर सीधे उनके सिर पर आ गिरी।
तेज टक्कर लगने के कारण सुरेश बाइक का संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी और वह मौके पर ही बेहोश हो गए।
हेलमेट नहीं पहन रखा था
सीसीटीवी फुटेज में यह भी दिखाई दे रहा है कि हादसे के समय सुरेश ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्होंने हेलमेट पहना होता तो सिर पर लगी चोट की गंभीरता काफी हद तक कम हो सकती थी।
राहगीरों ने पहुंचाई अस्पताल
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने सुरेश की मदद की और उन्हें तत्काल राजाजीनगर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने दर्ज की NCR
घटना के बाद राजाजीनगर पुलिस स्टेशन में नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज की गई है।
पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई।
वन विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
हादसे की सूचना मिलने के बाद जीबीए फॉरेस्ट विभाग (Forest Department) के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने पेड़ का निरीक्षण किया और यह जांच शुरू की कि सूखी डाल किस कारण से टूटी तथा क्या पेड़ पहले से ही खतरनाक स्थिति में था।
स्थानीय लोगों ने लगाया लापरवाही का आरोप
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली।
लोगों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी कई बार संबंधित विभाग को इस सड़क पर मौजूद सूखी और खतरनाक शाखाओं के बारे में शिकायत की थी, लेकिन समय रहते उनकी छंटाई नहीं कराई गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग ने समय पर कार्रवाई की होती तो यह हादसा टाला जा सकता था।
रखरखाव पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर शहर में सड़क किनारे लगे पुराने और जर्जर पेड़ों के रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश और तेज हवाओं के मौसम में सूखी शाखाओं के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर पेड़ों का निरीक्षण और उनकी छंटाई करना जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि स्थानीय लोग जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और शहरभर में खतरनाक पेड़ों की तत्काल पहचान कर उनकी छंटाई कराने की मांग कर रहे हैं।








