इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ नॉटिंघम टेस्ट के चौथे दिन उन्होंने अपने रिटायरमेंट की घोषणा की, जिसके बाद क्रिकेट जगत ने उनके शानदार करियर को सलाम किया। लेकिन इसी मैच में लिया गया उनका एक फैसला इंग्लैंड के ही प्रशंसकों को पसंद नहीं आया और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना होने लगी।
रिटायरमेंट के बाद बदला बैटिंग ऑर्डर
ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चौथे दिन न्यूजीलैंड की दूसरी पारी समाप्त होने के बाद इंग्लैंड को जीत के लिए 373 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य मिला। इस दौरान सभी को उम्मीद थी कि टीम अपने नियमित बल्लेबाजी क्रम के साथ मैदान पर उतरेगी।
हालांकि, सभी को हैरान करते हुए बेन स्टोक्स खुद ओपनिंग करने उतर गए। आमतौर पर पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले स्टोक्स ने युवा ओपनर एमिलियो गे की जगह खुद पारी की शुरुआत की।
तेज शुरुआत, लेकिन लंबी पारी नहीं
स्टोक्स ने अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय पारी में आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाए और तेजी से रन बटोरे, लेकिन बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके और जल्दी आउट हो गए।
उनकी इस पारी के बाद इंग्लैंड की टीम दबाव में आ गई और फैंस का गुस्सा भी सामने आने लगा।
इंग्लैंड के फैंस क्यों हुए नाराज?
स्टोक्स के इस फैसले की आलोचना सिर्फ दूसरे देशों के क्रिकेट प्रेमियों ने ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड के प्रशंसकों ने भी की।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि स्टोक्स ने अपने आखिरी मैच को खुद पर केंद्रित करने की कोशिश की। कई फैंस ने लिखा कि टीम को मुश्किल लक्ष्य का पीछा करना था और ऐसे समय में बल्लेबाजी क्रम से छेड़छाड़ करना सही फैसला नहीं था।
कुछ यूजर्स ने उन्हें “स्वार्थी” तक बताया और कहा कि व्यक्तिगत विदाई को टीम के हित से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए।
मिडिल ऑर्डर में थी ज्यादा जरूरत
क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का मानना है कि 373 रन जैसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय स्टोक्स की भूमिका मिडिल ऑर्डर में ज्यादा अहम हो सकती थी।
ऐसे समय में वह पारी को संभालने और अनुभव का फायदा उठाने वाले बल्लेबाज साबित हो सकते थे। लेकिन ओपनिंग करने के फैसले से पूरी बल्लेबाजी क्रम प्रभावित हुआ, जिसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
संन्यास के ऐलान से पहले भी रहे चर्चा में
रिटायरमेंट की घोषणा से पहले स्टोक्स ने अपनी टीम को इस फैसले की जानकारी दे दी थी। बाद में इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की।
चौथे दिन उन्होंने गेंदबाजी में भी एक विकेट लेकर टीम को सफलता दिलाई, जिसके बाद उन्हें शानदार विदाई मिलने की उम्मीद थी। लेकिन बल्लेबाजी क्रम में बदलाव ने उनकी विदाई को विवादों में ला दिया।
सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटे फैंस
जहां कुछ क्रिकेट विशेषज्ञ और कमेंटेटर स्टोक्स के फैसले को उनकी अलग सोच और निडर अंदाज बता रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में प्रशंसक इसे गैर-जिम्मेदाराना फैसला मान रहे हैं।
फिलहाल बेन स्टोक्स का यह फैसला क्रिकेट जगत में बहस का विषय बना हुआ है। एक ओर उनके शानदार करियर की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर आखिरी टेस्ट में ओपनिंग करने का उनका फैसला लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहा है।








