राजेश चौधरी | शेखावाटी | समाचार वाणी न्यूज़
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की मौजूदगी में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यमुना जल परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण एमओए (MoA) पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के साथ ही शेखावाटी क्षेत्र को दशकों से प्रतीक्षित यमुना जल परियोजना को नई गति मिल गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे राजस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद शेखावाटी को यमुना जल की सौगात मिली है।
शेखावाटी की पेयजल और सिंचाई समस्या का होगा समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के लागू होने से शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा। साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और क्षेत्र के पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल जल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
केंद्रीय नेताओं का जताया आभार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ऐतिहासिक समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में राजस्थान के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है और यह समझौता उसी प्रतिबद्धता का परिणाम है।
नई दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से आत्मीय मुलाकात भी की। बैठक के दौरान यमुना जल परियोजना के निर्माण, क्रियान्वयन और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
एमओए पर हस्ताक्षर के साथ अब परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना जल परियोजना के शुरू होने से शेखावाटी क्षेत्र में जल संकट काफी हद तक कम होगा। इससे कृषि, उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा भविष्य में क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी।
राजस्थान सरकार का कहना है कि यह समझौता प्रदेश के जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।








