पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि आरोपी सिया गोयल ने शादी की तैयारियों के नाम पर अपने मंगेतर से करीब 1 करोड़ रुपये लिए थे, लेकिन इस रकम का इस्तेमाल शादी के लिए करने के बजाय उसने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी को सौंप दिया।
पुलिस का दावा है कि यह रकम चेतन के कारोबार और करियर को स्थापित करने के लिए दी गई थी, ताकि भविष्य में दोनों साथ रह सकें।
शादी की खरीदारी के बहाने लिए 1 करोड़ रुपये
जांच एजेंसियों के मुताबिक, केतन अग्रवाल ने अपनी मंगेतर सिया गोयल को शादी की खरीदारी और तैयारियों के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये दिए थे।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि सिया ने यह पूरी राशि अपने प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी। चेतन आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से था और वह अपना व्यवसाय खड़ा करना चाहता था।
तीन साल बाद शादी करने की थी योजना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद दोनों ने एक लंबी योजना तैयार की थी।
सूत्रों के अनुसार, चेतन ने सिया से कहा था कि उसे आर्थिक रूप से मजबूत बनने में करीब तीन साल लगेंगे। इसलिए दोनों ने तय किया कि केतन की हत्या के बाद सिया तीन साल तक शादी नहीं करेगी, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
जब मामला पूरी तरह शांत हो जाएगा और चेतन आर्थिक रूप से स्थापित हो जाएगा, तब दोनों शादी करेंगे।
हत्या के लिए तय था खास इशारा
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर हत्या से पहले दोनों ने एक विशेष संकेत तय किया था।
पुलिस के मुताबिक, योजना के अनुसार सिया को पानी पीने या जूते के फीते बांधने के बहाने बैठना था। यही चेतन के लिए संकेत था कि अब केतन को खाई में धक्का देना है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह योजना इसलिए बनाई गई थी ताकि धक्का देने के दौरान यदि केतन किसी को पकड़ने की कोशिश करे तो सिया उसकी पहुंच से दूर रहे और खुद सुरक्षित रहे।
कार की जगह स्कूटर से पहुंचा चेतन
पुलिस ने बताया कि चेतन चौधरी ने अपनी मौजूदगी छिपाने के लिए कार की बजाय स्कूटर का इस्तेमाल किया।
वह पुणे से लगभग 90 किलोमीटर दूर लोहागढ़ किले तक स्कूटर से पहुंचा ताकि टोल प्लाजा पर उसकी कार का रिकॉर्ड दर्ज न हो। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया स्कूटर भी जब्त कर लिया है।
हत्या से 34 मिनट पहले हुई ‘सीक्रेट कॉल’
जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चला है कि हत्या से 34 मिनट पहले सिया गोयल ने चेतन चौधरी से एक गुप्त फोन कॉल पर बात की थी।
पुलिस को शक है कि यही बातचीत हत्या की अंतिम मंजूरी थी।
पहली कोशिश 14 जून को हुई थी नाकाम
जांच एजेंसियों का दावा है कि केतन की हत्या की साजिश मई के अंत में ही रच ली गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, 14 जून को भी सिया ने केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ियों को पकड़कर बच गया।
उस समय सिया ने यह कहकर मामला संभाल लिया था कि सामने सांप आ गया था और घबराहट में उससे धक्का लग गया।
पहली कोशिश नाकाम होने के बाद 18 जून को चेतन खुद लोहागढ़ पहुंचा और दोनों ने मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी
पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों के बीच पिछले छह महीनों में 2,000 से अधिक फोन कॉल और 238 घंटे से ज्यादा बातचीत हुई थी। पुलिस अब आर्थिक लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर हत्या की पूरी साजिश को अदालत में साबित करने की तैयारी कर रही है।








