राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का मुख्य स्तंभ है, जो जन-आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ नीति-निर्माण और सुशासन की आधारशिला भी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि संसद लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों का केंद्र होती है।
लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का आह्वान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा,
“लोकतंत्र के सजग प्रहरी, जन-आकांक्षाओं के केंद्र और नीति-निर्माण के मुख्य स्तंभ संसद के महत्व को रेखांकित करते अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।”
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस अवसर पर सभी नागरिक लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने, शासन व्यवस्था में पारदर्शिता को बढ़ावा देने और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराएं।
मजबूत संसदीय परंपराएं ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत संसदीय परंपराएं किसी भी सशक्त लोकतंत्र की पहचान होती हैं। संसद के माध्यम से जनता की आवाज़ को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाया जाता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती सुनिश्चित होती है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार भी पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी शासन व्यवस्था के लिए पूरी तरह संकल्पित है तथा लोकतांत्रिक आदर्शों के अनुरूप कार्य कर रही है।
जनहित सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान, पारदर्शिता और जनभागीदारी से ही सुशासन की भावना मजबूत होगी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना संभव होगा।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।








