ई-रिक्शा चालकों को परेशान करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे चीनी BAT BMS ऐप पर केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने Google Play Store और Apple App Store से इस ऐप को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें कुछ लोग इस ऐप के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा को बीच सड़क पर अचानक बंद कर देते थे। इससे न केवल चालकों को परेशानी होती थी, बल्कि सड़क दुर्घटना का भी गंभीर खतरा पैदा हो रहा था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे कई वीडियो
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए, जिनमें कुछ युवक केवल मौज-मस्ती के लिए BAT BMS ऐप का इस्तेमाल कर ई-रिक्शा को अचानक रोकते दिखाई दिए।
चलती गाड़ी के बीच सड़क पर रुक जाने से यात्रियों और चालकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही थी। लगातार शिकायतें और वायरल वीडियो सामने आने के बाद सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया।
सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया फैसला
सरकार ने ऐप के सुरक्षा पहलुओं और डेटा संरक्षण से जुड़े मामलों की समीक्षा की। जांच के बाद यह फैसला लिया गया कि इस ऐप का दुरुपयोग सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
इसी के चलते आईटी मंत्रालय ने गूगल और ऐपल को अपने-अपने ऐप स्टोर से BAT BMS ऐप हटाने का निर्देश दिया है।
सरकार का कहना है कि देश में केवल सुरक्षित और भरोसेमंद तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि ऐसी तकनीकों पर कार्रवाई होगी जिनका गलत इस्तेमाल लोगों के लिए परेशानी या खतरा बन सकता है।
कैसे काम करता था BAT BMS ऐप?
BAT BMS ऐप को चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने विकसित किया था।
यह ऐप मूल रूप से ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) के लिए बनाया गया था। इसके जरिए उपयोगकर्ता लिथियम बैटरी की चार्जिंग, बैटरी हेल्थ, तापमान, वोल्टेज और अन्य तकनीकी जानकारियों की वायरलेस मॉनिटरिंग कर सकते थे।
तकनीकी रूप से यह ऐप बैटरी प्रबंधन के लिए उपयोगी था, लेकिन कुछ लोगों ने इसकी कमजोरियों का फायदा उठाकर इसे ई-रिक्शा चालकों को परेशान करने का जरिया बना लिया।
ई-रिक्शा चालकों को मिलेगी राहत
सरकार की इस कार्रवाई के बाद ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ऐप स्टोर से हटाए जाने के बाद आम लोगों के लिए इस ऐप को डाउनलोड करना आसान नहीं रहेगा, जिससे इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
तकनीक के दुरुपयोग पर सख्त संदेश
सरकार के इस कदम को तकनीक के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। आईटी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी भी तकनीक या एप्लिकेशन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिसका इस्तेमाल लोगों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए किया जाए।








