राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को ब्यावर में आयोजित ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लेकर प्रदेश के ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। इस अवसर पर उन्होंने ₹425 करोड़ की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक भी वितरित किए।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तिरुपति से वर्चुअल माध्यम से जुड़े और योजना की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं।
जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद करते हुए योजनाओं के प्रभाव और क्रियान्वयन की भी समीक्षा की।
अंत्योदय की भावना को साकार करेगी योजना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ अंत्योदय की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार, बेहतर आजीविका, कौशल विकास और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन और जनभागीदारी के माध्यम से विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
श्री देवनारायण मंदिर में किए दर्शन
ब्यावर कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री देवमाली स्थित श्री देवनारायण मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में उन्होंने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात भी की।
ग्रामीणों संग चाय पर चर्चा
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा की और उनकी समस्याएं व सुझाव सुने। इस दौरान उन्होंने कहा कि “जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार हर वर्ग के कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।”
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री के इस दौरे को ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, लाभार्थी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश के गांवों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।








