देश की आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने बहु-राज्यीय अभियान चलाकर पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित संबंध रखने वाले आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी गुजरात में एक सक्रिय स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे थे और भविष्य में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में थे।
ATS की यह कार्रवाई गुजरात के बनासकांठा, पाटन और नवसारी जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के देवास तक फैले समन्वित अभियान के तहत की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर सभी आरोपियों को हिरासत में लिया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि ये लोग गुजरात में आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने, नए लोगों को जोड़ने तथा भविष्य में संभावित हमलों की योजना बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
ATS के अनुसार, कुछ आरोपी पाटन स्थित जामिया अबुल हसन मदरसा और नवसारी के जामिया रहमानिया खंभिया जैसे धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े हुए थे। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इन परिसरों का उपयोग युवाओं के कट्टरपंथीकरण या आतंकी नेटवर्क की लॉजिस्टिक गतिविधियों के लिए तो नहीं किया जा रहा था। हालांकि इस संबंध में विस्तृत जांच अभी जारी है।
गुजरात ATS ने सभी आठ आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक रूप से मामला दर्ज कर लिया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां इनके संपर्कों, फंडिंग नेटवर्क, डिजिटल गतिविधियों तथा संभावित विदेशी लिंक की भी जांच कर रही हैं।
आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 13, 17, 18, 38 और 39 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में गैरकानूनी गतिविधियों, आतंकी वित्तपोषण, आतंकी साजिश और प्रतिबंधित संगठन से संबंध रखने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत भी कार्रवाई की गई है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस कार्रवाई से गुजरात में संभावित आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और उनके संपर्कों की पहचान करने में जुटी हुई हैं ताकि किसी भी संभावित आतंकी खतरे को समय रहते निष्प्रभावी किया जा सके।








