नासिक के चर्चित अशोक खरात मामले पर आधारित बताई जा रही फिल्म ‘महाराष्ट्र एपिस्टिन फाइल्स’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद गहराता जा रहा है। इसी बीच रुपाली चाकणकर ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता और अभिनेत्री दीपाली सय्यद को 25 करोड़ रुपये की मानहानि नोटिस भेजी है।
रुपाली चाकणकर का कहना है कि जिस मामले की सुनवाई अभी न्यायालय में चल रही है, उस पर आधारित फिल्म बनाना और रिलीज करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि इससे उनकी छवि प्रभावित हो सकती है।
नोटिस मिलने के बाद अभिनेत्री दीपाली सय्यद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, “हम पर 25 करोड़ रुपये का दावा किया गया है। जिन्होंने यह दावा किया है, उन पर हमें हंसी आती है।”
दीपाली सय्यद ने स्पष्ट किया कि यह फिल्म किसी व्यक्ति की आत्मकथा नहीं है और इसमें किसी भी वास्तविक व्यक्ति का नाम इस्तेमाल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी फिल्म को बिना ठोस आधार के रोकने की कोशिश की जाती है, तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि फिल्म को रिलीज होने से रोकने की कोशिश आखिर किस वजह से की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कानूनी मुद्दा है तो उसका जवाब अदालत में दिया जाएगा।
फिल्म के निर्देशक स्वरूप सावंत ने भी कहा कि इस फिल्म का उद्देश्य किसी की छवि खराब करना नहीं, बल्कि समाज में महिला उत्पीड़न और ढोंगी बाबाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि फिल्म अपने तय कार्यक्रम के अनुसार 2 अक्टूबर को रिलीज की जाएगी।
निर्देशक ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी दबाव या कानूनी नोटिस के कारण फिल्म की रिलीज फिलहाल टाली नहीं जाएगी।
फिलहाल इस विवाद ने मराठी फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि रुपाली चाकणकर आगे क्या कानूनी कदम उठाती हैं और अदालत में इस मामले की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
नोट: इस मामले में लगाए गए सभी आरोप और दावे संबंधित पक्षों के हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।








