राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हालिया मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुलाकात पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन लोगों ने महाविकास आघाड़ी सरकार गिराई, उनके साथ इस तरह की बैठकें करना उचित नहीं है।
पत्रकारों से बातचीत में राउत ने कहा कि शरद पवार वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं, लेकिन जिन लोगों को उन्होंने “गद्दार” बताया, उनके कार्यालय में जाकर पार्टी की बैठक करना बड़े नेताओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्थिति उनके दल के सामने आती, तो वे कभी भी ऐसे नेताओं के दफ्तर में पार्टी की बैठक नहीं करते। राउत ने यह भी कहा कि महाविकास आघाड़ी के सभी सहयोगी दलों को राजनीतिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।
महाविकास आघाड़ी में बढ़ी सियासी चर्चा
राउत के इस बयान के बाद महाविकास आघाड़ी (MVA) के भीतर मतभेदों की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, शरद पवार या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री फडणवीस पर भी साधा निशाना
संजय राउत ने इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी हमला बोला। उन्होंने राज्य सरकार पर विकास परियोजनाओं में भ्रष्टाचार, जनता के पैसे की बर्बादी और प्रशासनिक विफलताओं के आरोप लगाए।
राउत ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की छवि को सबसे ज्यादा नुकसान वर्तमान सरकार की कार्यशैली से पहुंचा है।
राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात के बाद विपक्षी गठबंधन की एकजुटता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर महाराष्ट्र की राजनीति में और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।








