भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। बुधवार की भारी गिरावट के बाद सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी भी 24,000 के स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹5.57 लाख करोड़ का इजाफा हुआ।
सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 635 अंकों की बढ़त के साथ 77,139 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 195 अंक चढ़कर 24,077 के आसपास कारोबार करता दिखा। BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर लगभग ₹477 लाख करोड़ हो गया।
इन 5 वजहों से आई बाजार में तेजी
1. अमेरिका-ईरान तनाव पर राहत के संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष दोबारा शुरू होने की संभावना कम है और यदि कोई हमला हुआ तो अमेरिका तुरंत जवाब देगा। इससे वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना।
2. वैश्विक बाजारों से मिला समर्थन
जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 2% चढ़ा, जबकि अमेरिकी बाजारों से भी मिश्रित लेकिन सकारात्मक संकेत मिले। इससे भारतीय बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
3. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार छठे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयरों के शुद्ध खरीदार रहे। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार उन्होंने लगभग ₹1,962.80 करोड़ की खरीदारी की।
4. रुपया रहा स्थिर
ईरान से जुड़े तनाव के बावजूद डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग स्थिर रहा। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बना रहा और बाजार को समर्थन मिला।
5. बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद
विश्लेषकों को उम्मीद है कि जून 2026 तिमाही में निफ्टी-50 कंपनियों की आय में दो अंकों की वृद्धि दर्ज होगी। बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद ने भी बाजार में खरीदारी बढ़ाई।
किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी?
सेंसेक्स में भारती एयरटेल, एटरनल और सन फार्मा के शेयरों में करीब 3% तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं एशियन पेंट्स, ICICI बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी 1% से अधिक मजबूत हुए।
हालांकि इन्फोसिस, TCS और बजाज फाइनेंस जैसे आईटी एवं वित्तीय शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली।
छोटे और मझोले शेयरों में भी खरीदारी
निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग 2% तक की तेजी दर्ज की गई। वहीं इंडिया VIX में गिरावट आने से बाजार में अस्थिरता कम हुई और निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, वैश्विक तनाव नियंत्रित रहता है और कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक आते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में आने वाले दिनों में सकारात्मक रुख बना रह सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और कॉर्पोरेट नतीजों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।








