अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान के निधन से पूरे क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। 38 वर्षीय जादरान ने मंगलवार को नई दिल्ली के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। वह दुर्लभ और गंभीर इम्यून डिसऑर्डर हेमोफागोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) के चौथे चरण से जूझ रहे थे। उनके निधन के बाद अफगानिस्तान के कई मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी भावुक हो गए।
अंतिम विदाई में छलके खिलाड़ियों के आंसू
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान, विकेटकीपर बल्लेबाज रहमतुल्लाह गुरबाज और अन्य खिलाड़ियों को शापूर जादरान को अंतिम विदाई देते समय भावुक होते देखा गया। खिलाड़ियों की आंखों में आंसू साफ दिखाई दिए, जिसने क्रिकेट प्रेमियों को भी भावुक कर दिया।
राशिद खान ने लिखा भावुक संदेश
राशिद खान ने इंस्टाग्राम पर शापूर जादरान को याद करते हुए लिखा कि उनके जाने से जिंदगी पहले जैसी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि शापूर केवल एक साथी खिलाड़ी नहीं, बल्कि बेहद करीबी दोस्त थे, जिनकी यादें हमेशा उनके दिल में रहेंगी।
मोहम्मद नबी ने बताया अफगानिस्तान का गौरव
पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने शापूर जादरान को अफगानिस्तान का सच्चा सपूत बताते हुए कहा कि उन्होंने देश और क्रिकेट दोनों का सम्मान बढ़ाया। नबी ने कहा कि शापूर अब भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका योगदान और नाम हमेशा अफगानिस्तान के लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।
अन्य खिलाड़ियों ने भी दी श्रद्धांजलि
ऑलराउंडर अजमतुल्लाह ओमरजई ने शापूर के निधन को उनके परिवार, दोस्तों और पूरे अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ी क्षति बताया। वहीं बल्लेबाज इब्राहिम जादरान ने उन्हें अफगानिस्तान क्रिकेट के शुरुआती दौर के नायकों में से एक बताया। अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
रवि शास्त्री ने भी जताया शोक
भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भी शापूर जादरान के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में शापूर जादरान की भूमिका बेहद अहम रही और खेल के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
अफगानिस्तान क्रिकेट के उभार में निभाई अहम भूमिका
शापूर जादरान ने वर्ष 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 वनडे और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वह उन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने शुरुआती दौर में अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी तेज गेंदबाजी और टीम के प्रति समर्पण ने उन्हें देश के क्रिकेट इतिहास के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।
उनके निधन से अफगानिस्तान क्रिकेट ने अपने एक ऐसे खिलाड़ी को खो दिया है, जिसने संघर्ष के दौर में टीम को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।








