आषाढ़ी वारी के अवसर पर महाराष्ट्र के पंढरपुर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में चिकन, मटन तथा अन्य मांस की बिक्री पर 15 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। लाखों वारकरियों की आस्था और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
सोलापुर के पालकमंत्री जयकुमार गोरे के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि 15 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक पंढरपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिया गया फैसला
हर वर्ष आषाढ़ी वारी के दौरान महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए पंढरपुर पहुंचते हैं। धार्मिक माहौल को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है ताकि वारकरियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
29 जुलाई के बाद फिर शुरू होगी बिक्री
प्रशासन के अनुसार 29 जुलाई के बाद पंढरपुर और आसपास के क्षेत्रों में चिकन, मटन तथा अन्य मांस की बिक्री दोबारा सामान्य रूप से शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन ने सभी व्यापारियों और नागरिकों से आदेश का पालन करने और सहयोग करने की अपील की है।
वारकरियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
आषाढ़ी वारी के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने ठहरने, भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की है। शहर में कई स्थानों पर अस्थायी शौचालय बनाए जा रहे हैं और पुलिस का कड़ा सुरक्षा बंदोबस्त भी किया गया है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष बस सेवाओं की व्यवस्था की है। यदि 40 या उससे अधिक वारकरी एक साथ यात्रा करेंगे, तो उनके लिए पंढरपुर तक विशेष एसटी बस उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष आषाढ़ी वारी को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।








