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  • सुप्रीम कोर्ट की समय रैना को फटकार, कहा- 3 लाख रुपये जमा करो, अगली बार संतुष्ट नहीं हुए तो एक और ‘0’ जोड़ देंगे

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    सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना को अदालत के आदेशों का पालन नहीं करने पर कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि रैना ने अदालत को “हल्के में लिया” और उसके निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया। इसी के साथ अदालत ने उन्हें 3 लाख रुपये का जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि यदि अगली सुनवाई में कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ तो यह जुर्माना 30 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शुरुआत में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। हालांकि, समय रैना के वकील ने अंतिम अवसर देने और नरमी बरतने की अपील की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माने की राशि घटाकर 3 लाख रुपये कर दी, लेकिन स्पष्ट चेतावनी दी कि अगली सुनवाई में आदेशों का पालन नहीं होने पर राशि में एक और “0” जोड़ दिया जाएगा।

    मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ लोग विदेश में बैठकर यह समझते हैं कि वे भारतीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। अदालत ने कहा कि यदि यह अहंकार नहीं है तो फिर अहंकार की परिभाषा बदलनी पड़ेगी।

    यह मामला Cure SMA India Foundation की उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि समय रैना ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) जैसी गंभीर बीमारी के इलाज की लागत को लेकर असंवेदनशील टिप्पणियां की थीं और दिव्यांग व्यक्तियों का मजाक उड़ाया था। इस याचिका में अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के नाम भी शामिल हैं।

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना को निर्देश दिया था कि वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हर महीने दिव्यांग व्यक्तियों की प्रेरणादायक कहानियों पर फंडरेज़िंग कार्यक्रम आयोजित करें। अदालत ने इसे सजा नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा था कि लोकप्रिय लोगों को अपने प्रभाव का उपयोग समाज के हित में करना चाहिए।

    सुनवाई के दौरान Cure SMA Foundation की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि समय रैना ने कोर्ट के निर्देशों के अनुसार फाउंडेशन से संपर्क नहीं किया। इस पर रैना के वकील ने कहा कि उन्हें फाउंडेशन का पता उपलब्ध नहीं था, इसलिए संपर्क नहीं हो सका। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि भविष्य में सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

    अब इस मामले की अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि समय रैना ने अदालत के निर्देशों का पालन किया है या नहीं। यदि कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ तो उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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