राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर देश की राजनीति और अधिक गर्मा गई। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद प्रियंका गांधी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने घोषणा की कि वह अपनी मांगें पूरी होने तक प्रधानमंत्री आवास के बाहर रातभर धरने पर बैठे रहेंगे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों पर हमला देश के हर परिवार पर हमला है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही से बच नहीं सकती और विद्यार्थियों को न्याय दिलाने के लिए सभी नागरिकों को आगे आना चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर में मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से एकत्र होकर प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया, हालांकि कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था।
प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने राहुल गांधी से कई मिनट तक बातचीत की। सूत्रों के अनुसार सरकार ने प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनकी दो प्रमुख मांगें हैं—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और संसद में NEET पेपर लीक सहित सभी परीक्षा घोटालों पर विस्तृत चर्चा। कांग्रेस का आरोप है कि जब तक इन मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि पहले राहुल गांधी केवल संसद में चर्चा की मांग कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की नई शर्त भी जोड़ दी। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान कांग्रेस का रुख बदल गया, जिसके कारण कोई समाधान नहीं निकल सका।
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के बाद कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन हिंसक हो गया था और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया, जबकि प्रदर्शनकारी पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगा रहे हैं।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में भी विपक्ष को इस मुद्दे पर चर्चा का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग भी की।
उधर, संसद का मानसून सत्र लगातार दूसरे दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ा। विपक्ष ने NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाने की कोशिश की, जबकि सरकार ने कहा कि वह परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना राष्ट्रीय जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी दोहराया कि वह छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठने के फैसले के बाद राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कब समाप्त होगा और छात्रों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर क्या समाधान निकलता है।








