राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के युवाओं को कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री युवा सुयोग कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा देने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत कौशल विकास, रोजगार, डिजिटल साक्षरता, खेल, नेतृत्व क्षमता, महिला सशक्तीकरण और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश और देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।
उन्होंने बताया कि योजना के प्रथम चरण में इसे बारां जिले और बगरू विधानसभा क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। इस दौरान युवाओं को करियर मार्गदर्शन, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के प्रभावी संचालन के लिए पंचायत और वार्ड स्तर तक समन्वय स्थापित करने हेतु विधानसभा स्तर पर ‘केंद्रीय सुयोग युवा क्लब’ का गठन भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक युवा प्रतिभा और क्षमता से भरपूर है। सरकार का प्रयास है कि उन्हें ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जहां वे अपने कौशल को विकसित कर आत्मविश्वास के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें नेतृत्व, नवाचार, खेल, कला और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राजस्थान का युवा आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहा है और सरकार उनकी ऊर्जा एवं क्षमता को राष्ट्र निर्माण में उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री युवा सुयोग कार्यक्रम युवाओं को कौशल, रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्रदान करेगा तथा विकसित राजस्थान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने युवाओं से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने और अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के युवाओं के लिए एक दूरदर्शी और सकारात्मक कदम बताया।
राजस्थान सरकार का मानना है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आधुनिक कौशल, रोजगारपरक प्रशिक्षण और नेतृत्व विकास के अवसर मिलेंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।








