नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने, संसद की कार्यवाही बाधित करने तथा जंतर-मंतर पर हुई कथित पत्थरबाजी के विरोध में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राजस्थान ने जयपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकालकर कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
इस प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजय कुमार, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, महिला मोर्चा की सदस्याएं तथा युवा शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान और संसदीय मर्यादाओं की रक्षा की मांग उठाई।
भाजपा नेताओं का कहना था कि संसद की कार्यवाही को बाधित करना, विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसा और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियां लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कदम लोकतंत्र की गरिमा को नुकसान पहुंचाते हैं और संसदीय परंपराओं के विपरीत हैं।
प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन यह संविधान और कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
जयपुर में निकाले गए इस विरोध मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। प्रशासन की ओर से आवश्यक पुलिस बल तैनात किया गया ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
भाजपा ने अपने वक्तव्य में कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, संसद की गरिमा और कानून-व्यवस्था का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। पार्टी ने कहा कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनजागरण अभियान और विरोध कार्यक्रम आगे भी जारी रखेगी।
राजस्थान भाजपा का यह प्रदर्शन राजधानी जयपुर में राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इसे प्रमुख राजनीतिक आयोजन का रूप दिया।








