• Create News
  • ▶ Play Radio
  • राज्य निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला: 15 अगस्त तक होंगे 3 साल से जमे अधिकारियों के तबादले, निष्पक्ष चुनाव के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    आगामी चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 15 अगस्त 2026 तक चुनाव संबंधी अधिकारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

    आयोग के आदेश के अनुसार 30 नवंबर 2026 को कट-ऑफ तिथि निर्धारित की गई है। ऐसे प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, जो तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही जिले में कार्यरत हैं अथवा अपने गृह जिले में पदस्थापित हैं, उनका अनिवार्य रूप से स्थानांतरण किया जाएगा।

    इस निर्णय के दायरे में कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM), उपखंड अधिकारी (SDM), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थानाधिकारी, उप निरीक्षक, आबकारी निरीक्षक सहित जयपुर और जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के संबंधित अधिकारी भी शामिल होंगे।

    आयोग ने चुनावी व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। सभी संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (IG), जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को इन निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

    निर्देशों के अनुसार चुनावी रैलियों में तीन से अधिक वाहनों की अनुमति नहीं होगी, जिससे यातायात व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखी जा सके। वहीं चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या धमकी देने वालों के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

    आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटियों के गठन के निर्देश दिए हैं। ये समितियां आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों एवं उपद्रव की आशंका रखने वालों के लाइसेंसी हथियार जमा कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगी।

    मतदान और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग पर कड़ा नियंत्रण लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं मतगणना केंद्रों पर वायरलेस, कॉर्डलेस तथा अन्य संचार उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित उपकरण जब्त किए जाएंगे।

    इसके अतिरिक्त कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संभागीय आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक नियमित समीक्षा बैठकें करेंगे, जबकि प्रत्येक जिले में कम से कम दो समीक्षा बैठकें आयोजित करना अनिवार्य होगा।

    राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिला निर्वाचन अधिकारी प्रतिदिन शाम 6 बजे तक कानून-व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को भेजेंगे, ताकि चुनाव संबंधी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा सके।

    राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि इन सभी निर्देशों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाना है, जिससे मतदाता बिना किसी भय या दबाव के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकें। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

  • राजेश चौधरी

    राजेश चौधरी तहसील भादरा जिला हनुमानगढ़ राजस्थान मोबाइल नंबर-9983-919191

    Related Posts

    राहुल गांधी के धरना, संसद बाधित करने और जंतर-मंतर की कथित पत्थरबाजी के विरोध में जयपुर में भाजपा का विशाल प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यालय तक निकाला मार्च

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने, संसद की कार्यवाही बाधित करने तथा…

    Continue reading
    ग्रोबिक रियल एस्टेट लीजिंग एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज़: दीपक गोरानी बना रहे हैं उदयपुर के रियल एस्टेट सेक्टर में भरोसे और प्रोफेशनलिज़्म की नई पहचान

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। भारत में तेजी से विकसित हो रहे रियल एस्टेट और कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ऐसी कंसल्टेंसी कंपनियों की मांग लगातार…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *