दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर के निधन के बाद उनकी संपत्ति और कारोबारी विरासत को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच Sona Comstar ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम जारी किए हैं। एक ओर संजय कपूर की संपत्ति को लेकर कानूनी विवाद सुर्खियों में है, वहीं दूसरी ओर कंपनी ने मजबूत कारोबारी प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का विश्वास और मजबूत किया है।
कंपनी द्वारा जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में Sona Comstar का राजस्व 54 प्रतिशत बढ़कर 1,310 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) 45 प्रतिशत बढ़कर 181 करोड़ रुपये हो गया। वहीं EBITDA में भी लगभग 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 303 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी ने इसे अपने इतिहास की सबसे मजबूत तिमाहियों में से एक बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में लगातार बढ़ती मांग और वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ मजबूत साझेदारी का लाभ Sona Comstar को मिल रहा है। कंपनी के प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि वह भविष्य की तकनीकों के लिए तेजी से खुद को तैयार कर रही है।
कंपनी की सबसे अधिक आय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बिजनेस से प्राप्त हुई। इस क्षेत्र से होने वाले राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 107 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अब कंपनी के कुल कारोबार में इलेक्ट्रिक वाहन व्यवसाय की हिस्सेदारी लगभग 44 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। यह दर्शाता है कि Sona Comstar भविष्य के ऑटोमोबाइल उद्योग में अपनी मजबूत स्थिति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
वित्तीय नतीजों के साथ कंपनी ने अपनी नई रणनीति ‘Sona Comstar 2.0’ की भी घोषणा की है। इस नई योजना के तहत कंपनी केवल ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में रोबोटिक्स और फिजिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Physical AI) जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भी निवेश करेगी। कंपनी का लक्ष्य अगले दस वर्षों में अपने कारोबार को लगभग दस गुना तक बढ़ाना है।
Sona Comstar वैश्विक स्तर पर कारों और अन्य वाहनों में उपयोग होने वाले हाई-टेक ड्राइवलाइन एवं ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स का निर्माण करती है। कंपनी के उत्पाद इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड तथा पेट्रोल-डीजल सभी प्रकार के वाहनों में उपयोग किए जाते हैं। विश्व की कई प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां Sona Comstar के उत्पादों का इस्तेमाल करती हैं।
हाल ही में कंपनी ने जापान की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी कंपनी DENSO के साथ रणनीतिक साझेदारी भी की है। इस सहयोग से इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन क्षेत्र में कंपनी की तकनीकी क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस बीच दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की व्यक्तिगत संपत्ति को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनकी संपत्ति से जुड़े कानूनी मामलों पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है। हालांकि कंपनी के संचालन और वित्तीय प्रदर्शन पर इन व्यक्तिगत विवादों का कोई प्रत्यक्ष प्रभाव देखने को नहीं मिला है। कंपनी ने अपने व्यावसायिक लक्ष्यों और विस्तार योजनाओं पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा है।
संजय कपूर भारतीय ऑटोमोबाइल कंपोनेंट उद्योग के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते थे। उनके नेतृत्व में Sona Comstar ने वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़े उत्पादों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद भी कंपनी का प्रबंधन विस्तार और नवाचार की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश का निर्णय Sona Comstar को भविष्य की तकनीकी क्रांति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकता है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, वैश्विक साझेदारियां और दीर्घकालिक विकास रणनीति कंपनी को आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं।
पहली तिमाही के मजबूत नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि Sona Comstar केवल वर्तमान बाजार में ही नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब कंपनी की आगामी विस्तार योजनाओं और नए तकनीकी निवेशों पर बनी हुई है।








