लोकसभा में मंगलवार को NEET-UG पेपर लीक और एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया, जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर विवादित टिप्पणी की। उनके बयान पर विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया और सदन में हंगामा शुरू हो गया।
कांग्रेस सांसदों ने दुबे के बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्होंने अपने दावे का आधार क्या रखा है। जवाब में निशिकांत दुबे ने कहा कि उनका वक्तव्य एडविना माउंटबेटन से जुड़े प्रकाशित विवरण, नेहरू के पूर्व निजी सचिव एम.ओ. मथाई की पुस्तक और पद्मजा नायडू के पत्रों में किए गए उल्लेखों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि वह केवल प्रकाशित सामग्री का हवाला दे रहे हैं।
सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्षी सांसदों ने टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए इसे रिकॉर्ड से हटाने की मांग की, जबकि इस संबंध में अंतिम निर्णय की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
चर्चा के दौरान निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और कुछ गतिविधियों की विशेष जांच समिति से जांच कराने की मांग की।
संसद में बढ़ते हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
नोट: निशिकांत दुबे द्वारा किए गए दावे उनके व्यक्तिगत बयान हैं। इन दावों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के अलग-अलग मत हैं और इनकी ऐतिहासिक सत्यता पर विवाद बना हुआ है।








