भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। रहाणे ने एक भावुक वीडियो संदेश साझा करते हुए अपने 19 वर्ष लंबे क्रिकेट करियर को अलविदा कहा। उनके इस फैसले के साथ ही उनका अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और आईपीएल करियर भी समाप्त हो गया।
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने कहा कि हर शुरुआत का एक अंत होता है और अब उन्हें लगता है कि क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है। उन्होंने अपने पूरे सफर के दौरान मिले समर्थन, साथियों, कोचों, परिवार और प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया।
रहाणे ने वर्ष 2011 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने अपने 12 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला वर्ष 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में था, जिसके बाद वह टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे।
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में रहाणे ने 15 शतकों की मदद से 8,000 से अधिक रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 5,077 रन, वनडे में 2,962 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 375 रन बनाए। वहीं, आईपीएल में उन्होंने 212 मैचों में 5,367 रन बनाए, जिसमें दो शतक भी शामिल हैं।
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रहा। एडिलेड टेस्ट में हार और नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति के बाद उन्होंने टीम की कमान संभाली और भारत को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक 2-1 से टेस्ट श्रृंखला जीत दिलाई। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिनी जाती है।
रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया। उन्हें शांत स्वभाव, भरोसेमंद बल्लेबाजी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम का नेतृत्व करने वाले खिलाड़ी के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।








