महाराष्ट्र के उद्योगपति और GSM Foils के प्रबंध निदेशक (MD) मोहनसिंह परमार पर हुए जानलेवा हमले की जांच में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, कंपनी के सह-अध्यक्ष सागर भानुशाली ने करीब 32 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारी से बचने और कंपनी पर नियंत्रण हासिल करने के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची थी।
26 जुलाई को हुआ था हमला
पुलिस के मुताबिक, 26 जुलाई को वसई के नाइकपाड़ा इलाके में बाइक सवार दो हमलावरों ने मोहनसिंह परमार पर गोली चलाई। एक गोली उनके कंधे में लगी। दूसरी गोली चलाने से पहले पिस्तौल जाम हो गई, जिससे हमलावर मौके से फरार हो गए। परमार फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
शेयर बाजार में भारी नुकसान के बाद रची साजिश
जांच में सामने आया है कि 33 वर्षीय सागर भानुशाली को शेयर बाजार में करीब 55 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था और उन पर कई लोगों का कर्ज था। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने मोहनसिंह परमार पर कंपनी में उनकी हिस्सेदारी करीब 32 करोड़ रुपये में खरीदने का दबाव बनाया था।
जब यह योजना सफल नहीं हुई, तब कथित तौर पर परमार की हत्या की साजिश रची गई ताकि वित्तीय देनदारी से छुटकारा मिले और कंपनी पर पूरा नियंत्रण हासिल किया जा सके।
40 लाख की सुपारी देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, सागर भानुशाली ने कथित तौर पर 40 लाख रुपये में शूटरों को हत्या की सुपारी दी थी, जिसमें से 5 लाख रुपये अग्रिम दिए गए थे।
सात आरोपी गिरफ्तार
वसई पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सागर भानुशाली सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य साजिशकर्ता को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया, जबकि अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया।
वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच वैज्ञानिक, तकनीकी, डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।








