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  • खाटूश्यामजी में बदमाशों का तांडव: भीड़ में गिराकर दिल्ली की महिला से सोने का कंगन लूटा, श्रद्धालुओं में दहशत

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    राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थस्थल खाटूश्यामजी में हाल के दिनों में चोरी और लूट की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बाबा श्याम के दर्शन के लिए देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को अब न केवल भीड़ और गर्मी से जूझना पड़ रहा है, बल्कि अब उन्हें बदमाशों से भी सावधान रहना होगा। ताजा मामला दिल्ली की एक महिला श्रद्धालु के साथ हुए लूटकांड का है, जिसने खाटूश्यामजी में सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार, दिल्ली निवासी एक बुजुर्ग दंपती बाबा श्याम के दर्शन के लिए सीकर जिले के खाटूश्यामजी पहुंचे थे। जैसे ही वे मंदिर के मुख्य द्वार के पास पहुंचे, वहां भारी भीड़ थी। इसी दौरान अचानक दो महिलाओं ने पीछे से धक्का देकर बुजुर्ग महिला सनो देवी को गिरा दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बदमाशों ने महिला के हाथ से 11 ग्राम का सोने का कंगन उतार लिया और भीड़ में गायब हो गए।

    यह पूरी घटना कुछ ही सेकंड में घट गई। आसपास मौजूद लोगों ने जब महिला की मदद की, तब तक चोर फरार हो चुके थे। महिला और उनके पति ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। हालांकि, अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि खाटूश्यामजी में ऐसी घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर कुछ गिरोह सक्रिय रहते हैं। ये बदमाश समूह में काम करते हैं और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की के दौरान श्रद्धालुओं के गहने, पर्स और मोबाइल चोरी कर लेते हैं।

    एक दुकानदार ने बताया कि “पिछले कुछ महीनों में कई बार ऐसे गिरोह पकड़े भी गए हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में वे फिर सक्रिय हो जाते हैं।” उसने यह भी कहा कि इन चोरों में ज्यादातर महिलाएं शामिल रहती हैं जो भीड़ में आसानी से घुलमिल जाती हैं।

    बाबा श्याम मंदिर प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। प्रशासन के अनुसार, उन्होंने पहले भी पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन भीड़ नियंत्रण के दौरान कई बार पुलिसकर्मी पूरे परिसर की निगरानी नहीं कर पाते। मंदिर के ट्रस्ट ने कहा कि दर्शन के समय मोबाइल और कीमती सामान सुरक्षित रखने के लिए श्रद्धालुओं को खुद भी सतर्क रहना चाहिए।

    खाटूश्यामजी थाने के प्रभारी ने बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि “हम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”

    पुलिस ने बताया कि मंदिर परिसर के आसपास भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अब अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। इसके अलावा, सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है ताकि ऐसे गिरोहों की पहचान की जा सके।

    श्रद्धालुओं में इस घटना के बाद भारी आक्रोश है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट शेयर कर प्रशासन से सवाल किए हैं कि इतनी भीड़ में सुरक्षा व्यवस्था क्यों नाकाम हो रही है। लोगों ने कहा कि खाटूश्यामजी जैसे आस्था स्थलों पर पुलिस को और सतर्क रहना चाहिए, ताकि कोई भी श्रद्धालु असुरक्षित महसूस न करे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर अपराध बढ़ना समाज के लिए एक चिंताजनक संकेत है। श्रद्धा और विश्वास के बीच जब भय और असुरक्षा का माहौल पनपने लगता है, तो इससे न केवल प्रशासन की छवि प्रभावित होती है, बल्कि भक्तों का भरोसा भी डगमगाने लगता है।

    इस घटना ने एक बार फिर सवाल उठाया है कि क्या राजस्थान में तीर्थस्थलों की सुरक्षा पर्याप्त है? हर महीने लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दरबार में आते हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण और निगरानी बेहद जरूरी हो जाती है। लेकिन अगर इसी भीड़ का फायदा अपराधी उठाने लगें, तो यह गंभीर स्थिति है।

    राज्य पुलिस अब इस मामले को संवेदनशील मानते हुए पूरे खाटूश्यामजी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर परिसर और आसपास के बाजारों में सीसीटीवी कैमरे की संख्या बढ़ाई जाएगी, साथ ही स्थानीय दुकानदारों और स्वयंसेवकों की मदद से “सुरक्षा स्वयंसेवक टीम” भी बनाई जाएगी।

    दिल्ली की सनो देवी से हुआ यह लूटकांड भले ही एक अकेला मामला हो, लेकिन यह चेतावनी है कि धार्मिक स्थलों पर अपराधियों का जाल कितना सक्रिय हो चुका है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने कीमती आभूषण पहनकर भीड़ में न जाएं और अपने सामान पर सतर्क निगाह रखें।

    कुल मिलाकर, बाबा श्याम की नगरी में हुई यह घटना श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविकता को सामने लाती है। जहां एक ओर लाखों लोग आस्था के साथ दर्शन करने आते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ अपराधी इस पवित्र माहौल को कलंकित करने में लगे हुए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस चुनौती से कैसे निपटती है और श्रद्धालुओं को सुरक्षा का वास्तविक भरोसा दिला पाती है या नहीं।

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