• Create News
  • ▶ Play Radio
  • फरीदाबाद में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 300 किलो विस्फोटक और AK-47 के साथ आतंक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    हरियाणा के फरीदाबाद जिले में रविवार को एक बड़ी आतंकी साजिश को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के साथ मिलकर नाकाम कर दिया। इस संयुक्त अभियान में लगभग 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट, एक AK-47 राइफल, 84 जिंदा कारतूस, टाइमर, और IED (Improvised Explosive Device) बनाने का भारी सामान बरामद किया गया।

    यह कार्रवाई धौज गांव में की गई, जहां यह सामग्री एक किराए के मकान से मिली। पुलिस के मुताबिक, यह मकान डॉ. मुजाहिल शकील नाम के युवक ने तीन महीने पहले किराए पर लिया था। शकील मूल रूप से जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और वह अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का छात्र बताया जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े कुछ संदिग्धों से पूछताछ के दौरान इस साजिश का सुराग मिला। इन्हीं की निशानदेही पर पुलिस की एक टीम रविवार को फरीदाबाद पहुंची।

    जांच में यह खुलासा हुआ कि डॉक्टर मुजाहिल शकील को 30 अक्टूबर को ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जब उसे एक अन्य आरोपी डॉ. आदिल अहमद राथर से जोड़ा गया था। आदिल राथर भी इसी आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है।

    पूछताछ के दौरान शकील ने स्वीकार किया कि उसने धौज गांव में किराए का घर आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया।

    फरीदाबाद पुलिस और IB के अधिकारियों ने मौके से कुल 14 बोरियों में अमोनियम नाइट्रेट (लगभग 300-350 किलोग्राम), एक AK-47 राइफल, 84 कारतूस, टाइमर, 5 लीटर रासायनिक घोल, और 48 तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए, जिनका उपयोग विस्फोटक बम बनाने में किया जा सकता है।

    फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्टों में इसे RDX माना गया था, लेकिन बाद में जांच में पता चला कि यह अमोनियम नाइट्रेट है, जो समान रूप से खतरनाक और उच्च विस्फोटक क्षमता वाला रसायन है।

    उन्होंने कहा—

    “यह बहुत बड़ी बरामदगी है। अगर यह सामग्री गलत हाथों में जाती या समय पर बरामद नहीं होती, तो दिल्ली-एनसीआर में बड़ा धमाका हो सकता था। फिलहाल इसे सुरक्षित कर लिया गया है और जांच एजेंसियां इसकी उत्पत्ति का पता लगा रही हैं।”

    जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई अकेला मॉड्यूल नहीं बल्कि एक बड़ा आतंकवादी नेटवर्क है जो सीमा पार से संचालित होता है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों के विदेशी हैंडलर्स से संपर्क थे और वे उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में हमले की योजना बना रहे थे।

    J&K पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:

    “यह बरामदगी एक बहुत बड़ी सफलता है, जिसने संभवतः एक विनाशकारी आतंकी हमले को टाल दिया। इस सामग्री से कई हाई-इंटेंसिटी IEDs बनाए जा सकते थे।”

    अधिकारियों के अनुसार, बरामद अमोनियम नाइट्रेट और रासायनिक मिश्रण से 10 से अधिक शक्तिशाली बम तैयार किए जा सकते थे।

    बरामद किए गए सभी विस्फोटक और उपकरणों को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिया गया है। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी इस मामले की जांच में शामिल हो सकती है।

    फॉरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में बरामद रासायनिक मिश्रण में अमोनियम नाइट्रेट, सल्फर, और कुछ अज्ञात तत्व पाए गए हैं, जो उच्च विस्फोटक क्षमता रखते हैं।

    यह ऑपरेशन J&K पुलिस की ओर से मिले ठोस इनपुट्स पर आधारित था। इसके बाद IB और फरीदाबाद पुलिस ने मिलकर गुप्त तरीके से छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को सील किया गया, और एक विशेष बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया।

    सुरक्षा बलों ने लगभग छह घंटे तक तलाशी अभियान चलाया और इसके बाद ही विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित रूप से जब्त किया गया।

    फरीदाबाद पुलिस ने आसपास के निवासियों से अपील की है कि वे अपने किरायेदारों की पूरी जानकारी पुलिस को दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा—

    “यह घटना बताती है कि आतंकी मॉड्यूल अब शहरों और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को सतर्क रहना होगा।”

    पुलिस ने इस मामले में UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) और Explosives Act के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपी डॉक्टरों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह साजिश भारत के खिलाफ एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है, जो युवाओं को शिक्षा और पेशे के नाम पर अपने जाल में फंसा रहा है।

    फरीदाबाद से मिली इस बरामदगी ने यह साफ कर दिया है कि आतंकी संगठन अब देश के भीतर गहराई तक अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
    जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों की समय पर की गई कार्रवाई ने न केवल एक बड़े आतंकी हमले को रोका, बल्कि यह भी दिखाया कि राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों की आपसी समन्वय क्षमता कितनी मजबूत हो चुकी है।

  • Related Posts

    संगरिया: ग्रामोत्थान विद्यापीठ में छात्रवृत्ति वितरण समारोह, डॉ. बी.एस. वर्मा ने विद्यार्थियों को किया सम्मानित

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। राजेश चौधरी | हनुमानगढ़ | समाचार वाणी न्यूज़ संगरिया स्थित ग्रामोत्थान विद्यापीठ में स्वामी केशवानंद स्मृति चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान…

    Continue reading
    नोहर हनुमानगढ़: व्यवस्थापकों की हड़ताल समाप्त, कल से एमएसपी पर फसल खरीद शुरू

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। राजेश चौधरी | हनुमानगढ़ | समाचार वाणी न्यूज़ तहसील नोहर, जिला हनुमानगढ़ में क्रय-विक्रय सहकारी समिति के व्यवस्थापकों की सामूहिक…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *