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  • दावोस निवेश से नाशिक में बनेगा 1000 एकड़ का औद्योगिक वसाहत और डिफेंस हब

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    महाराष्ट्र के नाशिक शहर के औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से एक बड़ी उम्मीद जग गई है क्योंकि दावोस (World Economic Forum) में हुई निवेश बैठकों के परिणामों से नाशिक में 1000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में नई औद्योगिक वसाहत (Industrial Colony) और रक्षा हब (Defense Hub) विकसित करने की योजना आगे बढ़ रही है। इस बारे में राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं और निवेश आकर्षित करने की संभावनाएँ अधिक मजबूत दिख रही हैं।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाशिक दौरे के दौरान कहा है कि अब तक नाशिक में कुल 57,000 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश राशि आ चुकी है और लगभग 50,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निवेश राशि पाइपलाइन में है, जिनमें से कई करार दावोस में हुए हैं।

    क्या है योजना?

    🔹 1000 एकड़ औद्योगिक वसाहत:
    राज्य सरकार नाशिक में उद्योगों और टेक्नोलॉजी पार्कों को बढ़ावा देने के लिए लगभग 1000 एकड़ भूमि पर एक नई औद्योगिक वसाहत स्थापित करने का प्रस्ताव बना रही है। इस वसाहत में विनिर्माण, तकनीकी उद्योग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों को जगह दी जाएगी, जिससे नाशिक का औद्योगिक विस्तार तेज़ होगा।

    🔹 डिफेंस हब की संभावना:
    इसके साथ ही सरकार ने केंद्र को एविएशन और रक्षा कॉरिडोर (Defense Corridor) के लिए नाशिक को प्राथमिकता देने की सिफारिश की है, जिससे रक्षा उत्पादन, तकनीकी विकास और विमानन संबद्ध उद्योगों की स्थापना हेतु अनुकूल वातावरण मिलेगा।

    दावोस के निवेश का प्रभाव

    दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम (WEF) में महाराष्ट्र ने पिछले वर्ष लगभग ₹15.70 लाख करोड़ निवेश करार किए थे, जिसमें नाशिक समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़े प्रोजेक्ट शुरू होने की उम्मीद जताई गई थी।

    इन निवेश करारों के दायरे में बड़े उद्योग समूहों का भाग लेना नाशिक जैसे शहरों के औद्योगिक प्रोफाइल को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है। इससे न केवल आधुनिक उत्पादन इकाइयाँ स्थापित होंगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    औद्योगिक आधार मजबूत करना

    नाशिक औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। विस्‍तृत निवेश की योजनाओं से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यहाँ विनिर्माण इकाइयों, लॉजिस्टिक्स पार्कों और एसएमई/माइक्रो उद्योगों के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार होगा। हाल ही में MIDC ने नाशिक के आसपास 611 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू की है ताकि नई औद्योगिक इकाइयों को ज़मीन उपलब्ध कराई जा सके।

    यह भी उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार PM गति शक्ति योजना के तहत नाशिक में ₹850 करोड़ के मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क पर भी कार्य कर रही है, जिससे माल परिवहन और सुविधा बेहतर होंगे।

    रक्षा और विमानन सेक्टर में भूमिका

    नाशिक में पहले से ही HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) का बड़ा विमान निर्माण केंद्र मौजूद है, जो पहले रूस से जुड़े सेनानियों के असेंबली कार्य के लिए जाना जाता था और अब तेजस जैसे स्वदेशी विमान परियोजनाओं पर काम कर रहा है।

    नए प्रस्तावित रक्षा हब के साथ नाशिक रक्षा उत्पादन के लिए विशेष केंद्र के रूप में उभरने की संभावना रखता है, जिससे रक्षा उपकरणों और विमानन उद्योग को और अधिक गति मिलेगी, तथा स्थानीय स्तर पर अत्याधुनिक तकनीकी निवेश और प्रशिक्षण के अवसर सृजित होंगे।

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