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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित की गई। बैठक में देशभर के 23 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया और आगामी राजनीतिक रणनीति, राज्यों के चुनावों तथा वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, सांसद अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती तथा एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों में विपक्षी एकता को मजबूत करना तथा राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार का संयुक्त रूप से मुकाबला करने की रणनीति तैयार करना रहा। गठबंधन के नेताओं ने भाजपा के खिलाफ साझा राजनीतिक दृष्टिकोण और भविष्य की चुनावी तैयारियों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में शामिल होने से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बैठक का एजेंडा सभी दलों के बीच चर्चा के बाद तय होगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए विपक्षी दलों का एकजुट रहना आवश्यक है और सभी दल इसी दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए, लेकिन उनकी ओर से सांसद सुप्रिया सुले ने प्रतिनिधित्व किया। शरद पवार ने बैठक से पहले कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ विभिन्न विचारधाराओं के दल एक मंच पर आ रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का बैठक में शामिल न होना चिंता का विषय है और सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है।
बैठक से पहले दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कुछ पोस्टर भी लगाए गए, जिनमें विपक्ष के नेताओं द्वारा अतीत में कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयानों का उल्लेख किया गया था। इन पोस्टरों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा भी देखने को मिली।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि INDIA गठबंधन की इस बैठक में 23 राजनीतिक दलों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि कुछ दल अपने-अपने कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके। इनमें प्रमुख रूप से DMK और आम आदमी पार्टी (AAP) शामिल रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद विपक्षी दलों के लिए यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गठबंधन के नेता आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए साझा रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि जून 2024 के बाद INDIA गठबंधन की यह सबसे बड़ी और औपचारिक बैठक रही, जिसमें विपक्षी दलों ने एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया।








