लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौते का रास्ता साफ हो गया है। दोनों देशों के बीच विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और डिजिटल स्तर पर समझौते पर हस्ताक्षर भी किए जा चुके हैं। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल आमने-सामने बैठकर आधिकारिक एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे।
हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं आए हैं और उनकी अनुपस्थिति में समझौते का नेतृत्व कौन कर रहा है।
डिजिटल समझौते पर किसने किए हस्ताक्षर?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डिजिटल समझौते पर अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हस्ताक्षर किए हैं। वहीं ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बग़र गालीबाफ ने समझौते को मंजूरी दी है।
हालांकि ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षरकर्ताओं के नाम की पुष्टि नहीं की है, लेकिन गालीबाफ ने सोशल मीडिया पर समझौते को “ईरान की अंतिम विजय की दिशा में बड़ा कदम” बताया है।
जिनेवा में कौन करेगा अंतिम हस्ताक्षर?
19 जून को जिनेवा में होने वाली बैठक में ईरान की ओर से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बग़र गालीबाफ की प्रमुख भूमिका रहने की संभावना है।
सीजफायर के बाद से लेकर अब तक अमेरिका के साथ हुई लगभग सभी वार्ताओं में यही दोनों नेता ईरान का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। पाकिस्तान में आयोजित वार्ता बैठकों में भी अरागची और गालीबाफ ही ईरानी पक्ष के मुख्य चेहरे थे।
मुज्तबा खामेनेई अब भी क्यों नहीं आए सामने?
युद्ध समाप्त होने और अमेरिका के साथ समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद मुज्तबा खामेनेई अब भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ हो रहे सभी समझौते सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की तय नीतियों और दिशानिर्देशों के अनुरूप ही किए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि वार्ता टीम को जो भी निर्णय लेने हैं, वे इस्लामिक रिपब्लिक के सर्वोच्च नेतृत्व द्वारा तय ढांचे के भीतर ही होंगे। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि मुज्तबा खामेनेई फिलहाल कहां हैं और कब सार्वजनिक रूप से सामने आएंगे।
क्या जुलाई में जनता के बीच आएंगे मुज्तबा?
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित की जा सकती हैं। बताया जा रहा है कि 9 जुलाई को उन्हें मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुज्तबा खामेनेई अपने पिता की अंतिम यात्रा के दौरान पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आ सकते हैं और औपचारिक रूप से ईरान की कमान संभालते दिखाई दे सकते हैं।
समझौते से क्षेत्रीय तनाव कम होने की उम्मीद
यदि 19 जून को जिनेवा में समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर हो जाते हैं तो अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा टकराव काफी हद तक समाप्त हो सकता है। इसके साथ ही आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, ऊर्जा व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल दुनिया की नजरें जिनेवा बैठक और मुज्तबा खामेनेई की संभावित सार्वजनिक वापसी पर टिकी हुई हैं।








